ग्राम सभाओं ने दे दिए शराब दुकानों के लाइसेंस
भोपाल । मध्य प्रदेश में पेसा नियम के तहत इस वर्ष ग्राम सभाओं ने 211 नई शराब की दुकानें स्वीकृत की हैं। पेसा नियमों के तहत इन पेसा ग्राम सभाओं को राज्य शासन द्वारा मादक पदार्थों के संबंध में जारी निषेधाज्ञा को लागू करने की शक्ति प्राप्त है तथा निषेधाज्ञा के उल्लंघन पर एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाने का भी अधिकार है। इसी प्रकार, शराब व भांग के विक्रय का प्रतिषेध एवं विनियमन का भी अधिकार है।
पेसा नियम में प्रदेश के आदिवासी बहुल कुल 20 जिले आते हैं। इनमें छह जिले अलीराजपुर, झाबुआ, मंडला, बड़वानी, अनूपपुर एवं डिंडोरी पूरी तरह से पेसा जिले हैं जबकि शेष 14 आंशिक जिले हैं जिनमें बालाघाट, बैतूल, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, धार, खंडवा, होशंगाबाद, खरगौन, सिवनी, शहडोल, श्योपुर, सीधी, उमरिया एवं रतलाम आते हैं।
88 पेसा विकासखंडों में 5,133 ग्राम पंचायत
इन सभी जिलों में 88 पेसा विकासखंडों में पांच हजार 133 ग्राम पंचायतें हैं, जिनमें आने वाले पेसा ग्रामों की संख्या 11 हजार 596 है। पेसा नियमों के तहत इन पेसा ग्राम सभाओं को राज्य शासन द्वारा मादक पदार्थों के संबंध में जारी निषेधाज्ञा को लागू करने की शक्ति प्राप्त है। निषेधाज्ञा के उल्लंघन पर एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाने का भी अधिकार है।
भारत-जिम्बाब्वे दूसरा टी20 मैच, टाइमिंग से लेकर लाइव टेलीकास्ट तक सब कुछ जानें
बच्चों की परवरिश पर SC की चिंता, बोला- मोबाइल नहीं, परिवार सबसे बड़ा सहारा
मगरमच्छ गंगाराम की अनोखी कहानी, जिसकी मौत पर पूरा गांव रो पड़ा
ज्योतिरादित्य सिंधिया बोले- दतिया उपचुनाव में BJP की होगी जीत, NEET मुद्दे पर विपक्ष को घेरा
वायरल सेलिब्रेशन पर पहली बार बोले वैभव सूर्यवंशी, आखिर किसे दिया था संदेश?
दिल्ली-हरियाणा यात्रियों को राहत, सोनीपत से कश्मीरी गेट तक दौड़ेंगी ई-बसें
यरुशलम हत्याकांड: फ्लैट में मिला भारतीय मजदूर का शव, जांच में जुटी पुलिस
NEET मुद्दे पर सियासत तेज, प्रियंका चतुर्वेदी ने मांगा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
दूसरों की किस्मत बताने वाली अन्ना खुद नहीं जान पाईं अपना भविष्य, पावर बैंक ब्लास्ट में झुलसीं