उद्धव ठाकरे ने 2019 में हमें धोखा दिया- गृह मंत्री अमित शाह
शिरडी। उद्धव ठाकरे धोखा देकर मुख्यमंत्री बने। उद्धव ठाकरे ने 2019 में हमें धोखा दिया था। उन्होंने 2019 में बालासाहेब ठाकरे के विचारों को त्याग दिया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महा विकास अघाड़ी के प्रमुख नेताओं की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि महाराष्ट्र ने शरद पवार की राजनीति को भी जमीन में दफन कर दिया है। वह शिरडी में भाजपा के राज्य स्तरीय सम्मेलन में बोल रहे थे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उद्धव ठाकरे और शरद पवार पर कड़ा निशाना साधा। इस बैठक में अमित शाह ने कहा, देवेंद्र फडणवीस दोबारा मुख्यमंत्री बन गए हैं। कई विधायक मंत्री बन गये। असली शिवसेना और असली एनसीपी भी जीत गई। शरद पवार ने छल और कपट की राजनीति की। लोगों ने उन्हें 20 फीट जमीन के नीचे दफनाने का काम किया। उद्धव ठाकरे ने बालासाहेब ठाकरे के विचारों को त्याग दिया। लोगों ने उन्हें भी उनकी जगह दिखा दी। लोगों ने स्थिर सत्ता देने का काम किया है। उनका सपना लोकसभा के बाद विधानसभा में जीत हासिल करना था। लेकिन उनका सपना टूट गया। यह हमारी महान विजय है। इस जीत का श्रेय पार्टी कार्यकर्ताओं को जाता है। गृह मंत्री ने आगे कहा, इस देश में विचारधारा की राजनीति चल रही है। लोगों ने परिवारवाद की राजनीति करने वालों को नकार दिया है। अमित शाह ने आगे कहा, महाराष्ट्र के लोगों ने साबित कर दिया है कि वे हिंदू और सनातन विचारधाराओं में विश्वास करते हैं। हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बने। इस साल हरियाणा में हम तीसरी बार जीते। आंध्र प्रदेश में एनडीए की जीत हुई। उड़ीसा में भी बहुमत की सरकार बनी। सिक्किम में भी हम जीते। हम महाराष्ट्र में भी जीते।
जल गंगा संवर्धन अभियान से शहडोल में पुराने जल स्त्रोतों को मिल रहा पुर्नजीवन
उप मुख्यमंत्री शुक्ल से मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाइज कॉरपोरेशन लिमिटेड के उपाध्यक्ष कांकर ने की सौजन्य भेंट
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विंध्य विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. सिंह को दी शुभकामनाएँ
पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा की अध्यक्षता में रेलवे सुरक्षा एवं सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को लेकर पुलिस मुख्यालय में उच्चस्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित
छत्तीसगढ़ बोर्ड 10वीं-12वीं रिजल्ट जारी, इस डायरेक्ट लिंक से तुरंत करें चेक
Vishnu Deo Sai की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में अहम फैसले
टीम मैनेजमेंट और चयन प्रक्रिया पर भी उठे सवाल
RCB के इतिहास में कई दिग्गज कप्तान रहे, लेकिन तुलना हमेशा जारी