264 SUV ले जा रही डबल डेकर मालगाड़ी गलत ट्रैक पर दौड़ी, खंडवा में बड़ा रेल हादसा टला
खंडवा: रूट परिवर्तन के कारण एक डबल डेकर मालगाड़ी मध्य रेलवे के सीमावर्ती स्टेशन खंडवा पहुंच गई। यहां यार्ड में ओएचई की ऊंचाई डबल डेकर से कम होने पर ट्रेन को आउट स्टेशन पर रोक दिया गया। इससे बड़ा हादसा टल गया। बताया जा रहा है कि मध्य रेलवे ने मामले की संयुक्त जांच के आदेश जारी किए हैं। सोमवार सुबह 10:30 बजे से भुसावल में मंडल स्तर पर समीक्षा बैठक शुरू हो गई है। वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में डीआरएम द्वारा समीक्षा की जा रही है।
18 स्टेशनों से होकर पहुंची
रविवार को आंध्र प्रदेश के पेनुकोंडा से गुड़गांव के फरुखनगर जा रही डबल डेकर मालगाड़ी जलगांव से गलत ट्रैक पर 18 स्टेशनों से होकर करीब 147 किमी दूर खंडवा पहुंच गई। यहां स्टेशन यार्ड में इस गलती का पता तब चला, जब डबल डेकर इंजन के पहले कोच की छत ओएचई से चिपक जाने के कारण बिजली आपूर्ति बंद हो गई। इससे हड़कंप मच गया। मालगाड़ी में करीब 66 करोड़ रुपए कीमत की 264 एसयूवी कारें लदी थीं।
ट्रेनों की आवाजाही पर कोई असर नहीं
मालगाड़ी के माल यार्ड के ट्रैक पर होने से ट्रेनों की आवाजाही पर कोई असर नहीं पड़ा। 6 फरवरी को पेनुकोंडा से रवाना हुई मालगाड़ी को जलगांव और अमलनेर होते हुए गुजरात-राजस्थान होते हुए हरियाणा के फरुखनगर पहुंचना था। रेलवे अधिकारियों की गलती के कारण मालगाड़ी हादसे के बाद करीब पांच घंटे तक खंडवा स्टेशन यार्ड में खड़ी रही।
मौके पर पहुंची टीआरडी की टीम
बताया जाता है कि रविवार दोपहर को मालगाड़ी भुसावल से खंडवा स्टेशन के होम सिग्नल से डाउन ट्रैक पर इटारसी की ओर जाने के लिए पहुंची थी। पिलर नंबर-567/6ए के पास पहले कोच का ऊपरी हिस्सा ओएचई से चिपकने लगा। इसकी सूचना मिलने पर टीआरडी की टीम मौके पर पहुंची। मौके पर जांच के बाद मालगाड़ी को वापस भेजने का निर्णय लिया गया और उसे वापस भुसावल भेजा गया।
आउटर से वापस भेजा गया
खंडवा रेलवे स्टेशन प्रबंधक अरविंद कुमार साहा ने बताया कि मालगाड़ी किस रूट से जाएगी। इसका निर्णय कंट्रोलर और उच्च स्तर पर लिया जाता है। खंडवा स्टेशन पर ओएचई लाइन की ऊंचाई कम होने के कारण वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा के बाद मालगाड़ी को आउटर से वापस भेजा गया। इससे ट्रेनों की आवाजाही पर कोई असर नहीं पड़ा।
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