स्थानीय की मदद से संभव हुई श्रद्धालुओं के कुंभ स्नान, सरकारी सुविधाएं बदहाल
इंदौर: प्रयागराज महाकुंभ में पहुंच रही लोगों की भीड़ ने प्रशासन के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी हैरान कर दिया है. शहर की हर सड़क से कई किलोमीटर पैदल चलकर लोग स्नान करने आ रहे हैं. हर कोई संगम में स्नान करने की जिद पर अड़ा हुआ है. प्रशासन की सुविधाएं चौपट हो गई हैं, जिसकी वजह से दूर-दूर से आने वाले लोगों को 10 से 15 किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है. प्रशासन की सुविधाएं कम पड़ गईं तो स्थानीय लोगों ने मैदान को अवसर के तौर पर लिया और पैसे लेकर अलग-अलग तरीकों से बाहर से आने वाले लोगों को राहत पहुंचाई और उन्हें संगम में पवित्र डुबकी लगवाई. होटल में जगह नहीं है, होम स्टे से राहत दी जा रही है, रात में लोग खुले में सो रहे हैं।
प्रयागराज कुंभ में आने वाले लोग किसी तरह ई-रिक्शा, ऑटो से सिविल लाइन चौराहे तक पहुंचने में मदद पाते हैं, लेकिन इसके बाद असली परीक्षा शुरू होती है. पुलिस की टीम ने यहां ट्रकों की कतार लगाकर रास्ता बंद कर दिया है. भीड़ बहुत ज्यादा है, इसलिए लोगों को घुमावदार रास्ते से मेला क्षेत्र में भेजा जा रहा है ताकि भीड़ स्नान करके सीधे रास्ते से निकल जाए, जबकि लोग घुमावदार रास्ते से स्नान के लिए आएं. हजारों लोग अपने परिवार के साथ रोजाना स्नान करने पहुंच रहे हैं।
नया पहलु - छात्रों को मिला नया रोजगार
कुंभ में लोग अपने परिवार के साथ पहुंचे। बच्चे और बुजुर्ग साथ थे, लेकिन मेला क्षेत्र में जाने का कोई साधन नहीं था। ऐसे में स्थानीय लोगों, जिनमें छात्र ज्यादा हैं, ने कमाई का जरिया खोज लिया है। दो पहिया वाहन पर हेलमेट पहने युवा बाहर से आने वाले लोगों को मुफ्त में मेले में ले जा रहे हैं। कहीं एक किलोमीटर के लिए 200 रुपये तो कहीं 500 रुपये लिए जा रहे हैं। पैदल चलकर थक चुके लोग जिम्मा संभालते ही इस सवारी का लुत्फ उठा रहे हैं।
बाइक, साइकिल ठेला से लेकर नाव तक का सहारा
- हाथ ठेले पर भी लोगों को ले जाया जा रहा है, हालांकि ई-रिक्शा और ऑटो की काफी कमी है।
- एरियल घाट से नाव चालक संगम तक ले जाने के लिए जरूर ज्यादा पैसे मांग रहे हैं। इससे नाव पर कम लोग सवार हो रहे हैं।
होम स्टे का फायदा, किराए पर उपलब्ध कंबल
प्रयागराज और आसपास के इलाकों के होटलों के कमरे बुक हैं। मेला क्षेत्र में घूमते समय होम स्टे के एजेंट मिल जाते हैं। वे 1 हजार, 2 हजार रुपये में कमरे उपलब्ध कराते हैं। बाहरी लोगों ने होम स्टे का फायदा उठाया। खाने के लिए होटलों और रेस्टोरेंट में कतारें लगी रहीं। ठंड के बावजूद कई लोग खुले में सोते नजर आए। हालांकि, उन्हें किराए पर कंबल उपलब्ध कराए जा रहे थे।
पेट्रोल और डीजल रेट कम होने का भी फायदा
मध्य प्रदेश के कई लोग अपने वाहनों से जा रहे हैं, इसीलिए जाम लग रहा है। यूपी-एमपी सीमा क्षेत्र के पेट्रोल पंपों पर वाहनों की कतारें लगी रहीं। सोमवार को इंदौर में पेट्रोल जहां 106.45 रुपये प्रति लीटर मिल रहा था, वहीं झांसी के पेट्रोल पंप पर रेट 94.34 रुपये था। यानी 12.21 रुपये प्रति लीटर का अंतर। यहां डीजल 91.85 रुपये प्रति लीटर है, जबकि झांसी में 87.37 रुपये है, यानी 4.58 रुपये का अंतर। इस बचत का फायदा उठाने के लिए लोग अपनी गाड़ियों की टंकी फुल करवाकर लौट रहे हैं।
1 मई अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर विशेष : हर हाथ को काम, हर श्रमिक को सम्मान: विष्णु देव सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गेहूँ उपार्जन केन्द्रों का किया आकस्मिक निरीक्षण
दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना से सावित्री को मिला संबल
मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की संवेदनशील पहल
राज्य सरकार धर्म-संस्कृति की धारा को प्रवहमान बनाए रखने के लिए सतत् सक्रिय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
छत्तीसगढ़ एकलव्य विद्यालय की बड़ी उपलब्धि
पुलिस मुख्यालय परिवार द्वारा 11 सेवानिवृत्त कर्मचारियों को दी गई भावभीनी विदाई
MVA में 'महा-संग्राम': उद्धव सेना के फैसले से भड़की कांग्रेस, कहा— "हम अपना उम्मीदवार उतारेंगे, हमें किसी की परवाह नहीं"