ईडी की बड़ी कार्रवाई, फॉरेक्स ट्रेडिंग गैंग का भंडाफोड़
विदेशी मुद्रा व्यापार की आड़ में मल्टी-लेवल मार्केटिंग स्कीम (एमएलएम) चला रहे एजेंटों के ठिकानों से ईडी की छापेमारी में 30 से अधिक बैंक खातों और लाकरों से 170 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है।
विदेशी और भारतीय दस्तावेज बरामद किए गए
मास्टरमाइंड नवाब उर्फ लविश चौधरी के शामली स्थित घर से 96 लाख रुपये कैश, डिजिटल डिवाइस, विदेशी और भारतीय दस्तावेज बरामद किए गए हैं। इस मामले में विभिन्न राज्यों के 500 निवेशकों को फारेक्स (विदेशी मुद्रा) ट्रेडिंग में एक वर्ष में पैसा दोगुना करने का प्रलोभन देकर 210 करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दिया गया था।
ईडी कई ठिकानों पर की छापेमारी
मंगलवार को ईडी ने शामली, दिल्ली, नोएडा और रोहतक में आरोपितों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। ट्रेडिंग कंपनी बोट ब्रो, क्यूएफएक्स ट्रेड की जांच के दौरान कई राजफाश हुए हैं। ईडी चंडीगढ़ क्षेत्रीय कार्यालय की 15 सदस्यीय टीम ने शामली में ट्रेडिंग कंपनी में निवेश कराने वाले एजेंट के घर छापेमारी की। आरोपित राजेंद्र सूद, विनीत कुमार, संतोष कुमार और नवाब पर विदेशी मुद्रा व्यापार की आड़ में मल्टी-लेवल मार्केटिंग स्कीम चलाने का आरोप था।
20 से अधिक एजेंटों से पूछताछ
नवाब समेत 20 से अधिक एजेंटों से पूछताछ की जा चुकी है, जिनमें बागपत के मोबिन, मुजफ्फरनगर, शामली और रोहतक, नोएडा, दिल्ली निवासी एजेंट हैं। हालांकि ईडी की ओर से अभी एजेंटों का नाम साझा नहीं किया गया। ईडी के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार जल्द ही मामले में बड़ी गिरफ्तारी भी हो सकती है।
लविश के ठिकाने का पता लगने से बढ़ी पुलिस की उम्मीदें
इस मामले में ईडी की कार्रवाई के साथ अब आरोपित राजेंद्र सूद, विनीत कुमार व संतोष शर्मा जल्द सलाखों के पीछे होंगे।
ईडी ने आरोपितों की संपत्तियों की जांच व जब्ती की मांग की
मामले की जांच के लिए मंडी की तत्कालीन पुलिस अधीक्षक सौम्या सांबशिवन ने विशेष जांच दल (एसआइटी) गठित किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से भी संपर्क कर आरोपितों की संपत्तियों की जांच व जब्ती की मांग की थी। अब ईडी ने मास्टरमाइंड लविश चौधरी का शामली में ठिकाना ढूंढ लिया है। इससे आरोपितों की जल्द गिरफ्तारी हो सकती है।
दुबई भागे आरोपितों के विरुद्ध जारी है लुकआउट नोटिस मामला दर्ज होने के बाद राजेंद्र सूद, विनीत कुमार व संतोष शर्मा दुबई भाग गए थे। तीनों वहां लविश चौधरी के साथ फारेक्स ट्रेडिंग का काम देख रहे थे। राजेंद्र सूद निवेशकों के पैसे से डेढ़ वर्ष में आठ कंपनियों का मालिक बन गया था।
ईडी ने की थी कार्रवाई
ईडी की कार्रवाई से पहले एसआइटी ने दिल्ली, हरियाणा, पंजाब व हिमाचल प्रदेश से 11 आरोपितों को गिरफ्तार कर करोड़ों रुपये की संपत्ति फ्रीज की थी। दुबई भागे तीनों आरोपितों के विरुद्ध लुकआउट नोटिस जारी किया था। हालांकि इस मामले में 10 आरोपितों को प्रदेश हाई कोर्ट से जमानत मिल चुकी है।
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