भारत से 1.5 गुना ज्यादा एग्री एक्सपोर्ट, झारखंड से आधे क्षेत्र में चीन से भी आगे
भारत: कृषि प्रधान देश कहा जाता है लेकिन एग्री एक्सपोर्ट के मामले में उसे अभी लंबा रास्ता यह करना है। फाइनेंशियल ईयर 2023-24 में भारत के कृषि निर्यात $48.15 अरब था जबकि 2022-23 में यह $52.50 अरब था। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अप्रैल से कई देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी दी है। अगर उन्होंने भारत पर भी टैरिफ लगाया तो इसका सबसे ज्यादा असर भारत के एग्री एक्सपोर्ट पर होगा। इसकी वजह यह है कि दोनों देशों के बीच एग्री प्रोडक्ट्स के टैरिफ में काफी अंतर है। कृषि प्रधान देश होने के बावजूद हमारा एग्री एक्सपोर्ट बहुत कम है। यूरोप का छोटा सा देश नीदरलैंड भी इस मामले में हमसे कहीं आगे है।
अमेरिका को दुनिया में टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्री के लिए जाना जाता है लेकिन एग्री एक्सपोर्ट में भी उसका डंका बजता है। 2023 में उसने $178.7 अरब डॉलर के कृषि उत्पादों का निर्यात किया। इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर ब्राजील है। साल 2023 में इस दक्षिण अमेरिकी देश ने $166.5 अरब के एग्री प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट किए। चौथे नंबर पर यूरोप का छोटा सा देश नीदरलैंड है। 2023 में नीदरलैंड का एग्री एक्सपोर्ट $134.1 अरब रहा। इसके बाद चीन ($98.9 अरब) और जर्मनी ($81.1 अरब) का नंबर है।
हरियाणा से छोटा साइज
नीदरलैंड का एरिया महज 41,865 वर्ग किमी है। यह हमारे हरियाणा से भी छोटा है। हरियाणा का एरिया 44,212 वर्ग किमी है। वहीं झारखंड (79,714 वर्ग किमी) की तुलना में इसका एरिया करीब आधा है। नीदरलैंड को फूलों और लाइव प्लांट की सप्लाई के लिए जाना जाता है। लाइव प्लांट्स की टोटल ग्लोबल सप्लाई का करीब आधा हिस्सा नीदरलैंड से आता है। इस देश में हर साल 40 लाख गाय, 1.3 करोड़ सुअर और 10.4 करोड़ मुर्गियों का उत्पादन होता है और यह यूरोप का सबसे बड़ा मीट एक्सपोर्टर है। देश का करीब दो फीसदी वर्कफोर्स एग्रीकल्चर सेक्टर में लगा हुआ है।
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