महाकुंभ के बाद साधु-संन्यासी वापस लौटे, भगदड़ पीड़ितों के लिए संतों ने किया अनुष्ठान
अखाड़ों के महंत, साधु-संत और नागा संन्यासी पौष पूर्णिमा से बसंत पंचमी तक संगम तट पर रहे। ये सभी पहले शाही स्नान से लेकर तीसरे शाही स्नान तक वहाँ मौजूद थे। कई संत महाशिवरात्रि तक रुके रहे। इन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी के प्रयासों की सराहना की। महाकुंभ की दिव्यता, भव्यता और नव्यता की संतों ने प्रशंसा की। महाशिवरात्रि के दौरान हुए हादसे में जान गंवाने वालों की आत्मा की शांति के लिए कुछ संत अनुष्ठान कर रहे हैं। रेती पर बालू का शिवलिंग बनाकर 24 घंटे तक यज्ञ किया जा रहा है।
संत विजय प्रकाश भारती जी महाराज ने कहा कि यह यज्ञ और रुद्राभिषेक भगवान शिव को और मां गंगा घाट पर पूरी रात्रि चलेगा। जन कल्याण और असमय काल के गाल में समाएं मृत श्रद्धालुओं की आत्मा की शांति के लिए हवन चलेगा। यह यज्ञ और अनुष्ठान असमय काल कवलित आत्माओं की शांति और जन कल्याण के लिए किया जा रहा है।
राशिफल 28 मई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
सुशासन तिहार से सुखराम के चेहरे पर लौटी मुस्कान
महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत 2588 निर्माण कार्यों से ग्रामीणों को मिल रहा रोजगार
उज्जैन के डायल-112 हीरोज