वेस्ट बैंक में भारतीय श्रमिकों को बंधक बनाने के बाद इजरायली अधिकारियों ने किया रेस्क्यू
यरुशलम। वेस्ट बैंक के एक गांव से इजरायली अधिकारियों ने भारत के दस श्रमिकों को बचाया है। उन्हें यहां एक महीने से अधिक समय से बंधक बनाकर रखा गया था। इजरायली जनसंख्या और आव्रजन प्राधिकरण ने गुरुवार को स्थानीय मीडिया के हवाले से इसकी जानकारी दी।
इजरायल ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि फलस्तीनियों ने काम का वादा करके श्रमिकों को वेस्ट बैंक के अल-जायम गांव में बुलाया और फिर उनके पासपोर्ट ले लिए और उनका इस्तेमाल करके इजरायल में घुसने की कोशिश की।
मजदूरों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया है
रिपोर्ट में कहा गया है कि ये श्रमिक मूल रूप से निर्माण उद्योग में काम करने के लिए इजरायल आए थे, जिन्हें जनसंख्या और आव्रजन प्राधिकरण के नेतृत्व में इजरायल रक्षा बलों (आइडीएफ) और न्याय मंत्रालय के साथ मिलकर रात भर चलाए गए अभियान में बचाया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि जब तक उनकी रोजगार स्थिति निर्धारित नहीं हो जाती, उन्हें सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया है।
गाजा में इजरायली ड्रोन ने बोला हमला, दो फलस्तीनी मारे गए
संघर्ष विराम पर गतिरोध के बीच इजरायली ड्रोन से किए गए हमले में गाजा के रफा में दो फलस्तीनी मारे गए, जबकि खान यूनिस में हेलीकाप्टर से की गई गोलीबारी में तीन लोग घायल हो गए। फलस्तीनियों में यह डर पैदा हो गया है कि इजरायल की ओर से की जा रही सख्ती के कारण संघर्ष विराम पूरी तरह से टूट सकता है। निवासियों ने बताया कि गाजा की पूर्वी और दक्षिणी सीमाओं के पास तैनात इजरायली टैंकों ने पूरी रात बाहरी इलाकों में फायर किया।
संघर्ष विराम का पहला चरण सप्ताहांत में खत्म
इजरायल और हमास के बीच संघर्ष विराम का पहला चरण सप्ताहांत में खत्म हो गया। इस मामले में आगे क्या होगा इस पर कोई सहमति नहीं बन पाई है। हमास का कहना है कि अब दूसरा चरण शुरू होना चाहिए, जिससे इजरायल की स्थायी वापसी हो और युद्ध समाप्त हो। इसके बजाय इजरायल ने इसके अप्रैल तक अस्थायी विस्तार की पेशकश की है, जिसमें हमास फलस्तीनी बंदियों के बदले में और अधिक बंधकों को रिहा करे, लेकिन गाजा के भविष्य पर तत्काल बातचीत नहीं होगी।
मिस्त्र में आपूर्ति ले जा रहे सैकड़ों ट्रकों को रोका गया
दो इजरायली अधिकारियों ने कहा कि मध्यस्थों ने गतिरोध को हल करने के लिए इजरायल से कुछ और दिन मांगे हैं। इजरायल ने गाजावासियों के लिए हो रहे जरूरी सामानों की आपूर्ति रोक दी है। मिस्त्र में आपूर्ति ले जा रहे सैकड़ों ट्रकों को रोका गया, उन्हें प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।
इजरायल के इस कदम की तीखी आलोचना की गई है। इस बीच, युद्धविराम के दौरान हमास की ओर से इजरायल को सौंपे गए आठ बंधकों के शव को दफना दिया गया। उनकी अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
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