PWD घोटाला: बिना टेंडर 855 करोड़ रुपए के काम, 15 ईई पर होगा केस
रायपुर: लोक निर्माण विभाग में बिना टेंडर के 855 करोड़ रुपए का काम कराने और भुगतान का बड़ा मामला सामने आया है। विभाग के चीफ इंजीनियर ने FIR दर्ज करने और तत्काल निलंबन की अनुशंसा की है। इस मामले में रायपुर के धमतरी, दुर्ग, बेमेतरा, ब्रिज डिवीजन रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, विद्युत यांत्रिक रायपुर बिलासपुर और कोरबा समेत सभी डिवीजन उजागर हुए हैं। इन सभी जगहों के कार्यपालन अभियंताओं को नोटिस भेजकर 10 अप्रैल तक जवाब पेश करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य गठन के बाद लोक निर्माण विभाग में यह सबसे बड़ा घोटाला माना जा रहा है।
पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर विजय कुमार भतफरी ने जारी नोटिस में कहा है कि रायपुर के कुशालपुर निवासी गणेश केवट की शिकायत पर यह मामला सामने आया है। जिसमें बिना टेंडर के 855 करोड़ रुपए का काम कराने वाले कार्यपालन अभियंता के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की जानी है।
पूर्ण विवरण व कार्य रिपोर्ट मांगी गई
मुख्य अभियंता भतफरी ने पत्र में कहा है कि रायपुर के चारों संभाग, सेतु संभाग व उक्त जिलों के संभागों के कार्यपालन अभियंता जांच के दायरे में हैं। कार्यपालन अभियंताओं को बिना निविदा आमंत्रित किए कराए गए गैर अनुबंधित कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट, कार्यवार, मदवार, लागत व भुगतान व लंबित बिलों की जानकारी 10 अप्रैल तक मुख्य अभियंता कार्यालय में प्रस्तुत करनी होगी। मुख्य अभियंता ने 7 मार्च को कार्यपालन अभियंताओं को नोटिस जारी करने के साथ ही उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज करने व निलंबन के संबंध में पीडब्ल्यूडी सचिव कमलप्रीत को भी प्रति भेजी है।
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