हरियाणा के बजट में महिलाओं के लिए 2100 रुपये मासिक अनुदान, कृषि योजनाओं पर फोकस
हरियाणा सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट 2025 को लेकर प्रदेश में उत्साह देखने को मिल रहा है. शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और कृषि जैसे क्षेत्रों में किए गए प्रावधानों पर आम जनता ने अपनी राय रखी. खासतौर पर छात्राओं और शिक्षकों ने शिक्षा क्षेत्र को मिले फंडिंग पर संतोष जताया.
बजट से शिक्षा को मिला संबल
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्रिंसिपल डॉ. देशराज बाजवा का मानना है कि यह बजट हर वर्ग के लिए लाभदायक है, लेकिन इसमें महिलाओं और छात्राओं के लिए विशेष योजनाएं जोड़ी गई हैं.
कॉलेज की छात्रा निशा ने सरकार के इस फैसले की सराहना करते हुए कहा, “इस बार की बजट घोषणाएं छात्राओं के लिए बहुत लाभकारी हैं. हमें छात्रवृत्ति और प्रोत्साहन राशि मिलेगी, जिससे हम अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगी.
शिक्षकों ने भी जताई खुशी
राजनीतिक शास्त्र विभाग की शिक्षिका अमनीत कौर का कहना है कि “कोई भी राज्य तभी आगे बढ़ सकता है, जब वहां का बजट मजबूत और संतुलित हो.” उन्होंने बताया कि इस बार शिक्षा के साथ-साथ बागवानी और महिला कल्याण को भी प्राथमिकता दी गई है.
प्रिंसिपल अनुपमा आर्य ने इसे “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के सपने की ओर एक कदम” बताया और कहा कि “राजकीय महाविद्यालयों में छात्राओं के लिए विशेष योजनाएं लागू की जा रही हैं, जो भविष्य में शिक्षा के स्तर को और ऊंचा करेंगी.”
महिलाओं और किसानों को राहत
बजट में महिलाओं के लिए 2100 रुपए प्रति माह अनुदान योजना भी रखी गई है, जिससे गृहणियों और कामकाजी महिलाओं को आर्थिक सहारा मिलेगा. बजट में कृषि क्षेत्र के लिए भी कुछ नई योजनाएं पेश की गई हैं. मुकेश कुमार, जो कृषि से जुड़े हैं, ने कहा, “अगर सरकार इस तरह की योजनाओं का विस्तार करे, तो और भी ज्यादा लोगों को फायदा मिलेगा.”
जनता की राय – बजट में और क्या हो सकता था?
हालांकि, कुछ लोगों का मानना है कि सरकार को बेरोजगारी और स्वास्थ्य सेवाओं पर और ध्यान देना चाहिए था. लेकिन फिर भी, आम जनता का मानना है कि यह बजट प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
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