अटूट प्रेम का प्रतीक: पति ने पत्नी का मंदिर बनवाया,रिटायरमेंट के 60 लाख खर्च किए
मोतिहारी के मधुचाई गांव के रहने वाले रिटायर्ड पंचायत सचिव बालकिशुन राम ने अपनी पत्नी शारदा देवी की याद में एक भव्य मंदिर का निर्माण करवाया है. उन्होंने न सिर्फ मंदिर बनवाया है बल्कि पति और पत्नी के बीच जो सात जन्मों का बंधन होता है उसे भी यादगार बना दिया है. आज के जमाने में बात करें तो तलाक की घटनाएं बेहद सामान्य हो गई हैं. वहीं, लोग इतने ज्यादा उग्र हो गए हैं कि वह छोटी-छोटी बातों पर हत्या करने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं, लेकिन मोतिहारी के बालकिशुन की कहानी पति-पत्नी के गहरे संबंध को दर्शाती है.
पत्नी की याद में बनवाया मंदिर
बालकिशुन राम की पत्नी शारदा का निधन 6 साल पहले हो गया था. इसके बाद से ही बालकिशुन गमजदा और अकेलापन महसूस करने लगे थे. इसी अकेलेपन को दूर करने के लिए वह अपनी पत्नी की यादों को अनोखी तरीके से संजोने में जुट गए. रिटायरमेंट के दौरान उन्हें करीब 60 लाख मिले थे, जिससे उन्होंने पत्नी की याद में एक मंदिर बनवाया है. मंदिर इतना भव्य और बड़ा है कि उसे बनाने में 3 सालों का समय लगा है.
पर्यटन मंत्री ने किया उद्घाटन
इस मंदिर में बालकिशुन ने किसी देवी की नहीं बल्कि अपनी पत्नी की मूर्ति स्थापित की है, जिसका उद्घाटन बिहार राज्य के पर्यटन मंत्री राजू कुमार सिंह ने किया है. इस दौरान उन्होंने कहा कि यह काम आज के समय में कोई साधारण काम नहीं है बल्कि सबसे उत्तम काम है. क्योंकि पति-पत्नी का संबंध उन्हीं को समझ में आता हैं, जो दिल के सच्चे होते हैं.
चुनाव आयोग का सख्त निर्देश: मतदान से एक दिन पहले बिना अनुमति नहीं छपेंगे राजनीतिक विज्ञापन
पंजाब से हारते ही CSK का शर्मनाक रिकॉर्ड
रायपुर IIM के मंच से जयशंकर का दमदार संदेश, छात्रों को दिखाई नई दिशा
UCC विवाद पर Shaina NC का बयान, बोलीं- ‘भड़काने और गलत नैरेटिव की कोशिश’
मालदा घेराव विवाद: माकपा का बचाव—“जब अन्याय कानून बन जाए, विरोध जरूरी”
AIADMK पर आरोपों पर पलानीस्वामी का पलटवार: स्टालिन को गिनाईं अपनी योजनाएं
होर्मुज संकट के बीच नई रणनीति: खाड़ी देश तेल-गैस सप्लाई के लिए बना रहे वैकल्पिक प्लान
विराट कोहली ने विदेशी खिलाड़ी विवाद पर तोड़ी चुप्पी
केरल चुनाव में नई पहल: युवा वोटरों को लुभाने के लिए मुफ्त Uber और खास सुविधाएं
अन्नामलाई का बड़ा बयान: “टिकट नहीं कटा, चुनाव न लड़ने का फैसला मेरा था”