5000 साल पुराना है लिपस्टिक का इतिहास, जानिए कैसे बनी मेकअप का अहम हिस्सा
लिपस्टिक महिलाओं के श्रृंगार का अहम हिस्सा रही है. हर महिला के पास आपको अलग-अलग शेड के लिपस्टिक जरूर मिल जाएंगे. बाजार में तरह-तरह के लिपस्टिक मिल जाते हैं जो आपकी स्कीनटोन के हिसाब से आपके होठों और चेहरों की खूबसूरती को बढ़ाते हैं. अब लिपस्टिक में ही इतनी वैरायटी है कि मैट, शिमर से लेकर लिक्वीड लिपस्टिक बाजार में मिल जाती है जो आपकी स्कीनटोन के लिए परफेक्ट बैठेगी. लिपस्टिक का इतिहास तो सदियों पुराना है बस इसका फॉरमूलेशन नया हो गया है. लिपस्टिक का इतिहास 5000 साल पुराना है. महिलाओं के मेकअप बॉक्स का अहम हिस्सा होती है जो उनके रुप को निखार देती है और उनके होठों को और खूबसूरत बनाती है. तो आज हम इस आर्टिकल में जानेंगे कि महिलाओं के पसंदीदा प्रोडक्ट लिपस्टिक का क्या इतिहास है.
5000 साल पुराना है लिपस्टिक का इतिहास:
लिपस्टिक को महिलाओं की ब्यूटी को इनहैंस करती है. आज के टाइम में मार्केट में अलग-अलग शेड्स और ब्रांड की लिपस्टिक मौजूद हैं, लेकिन पहले के समय में लोग फूल और कीमती पत्थरों को पीसकर होठ पर लगाते थे.खास बात यह है कि यह आज से नहीं बल्कि यह प्रथा 5000 साल पुरानी है. पर पहले के जमाने में लिपस्टिक नेचुरल तरीकों से बनती थी जो औषधी का भी काम करती थी.
लिपस्टिक का रोचक इतिहास- 16वीं सदी: इंग्लैंड की क्वीन एलिजाबेथ के जमाने में भी लिपस्टिक का चलन था. उन्होंने लाल कलर की लिपस्टिक को लगाने के ट्रेंड को पॉपुलर कर दिया. इस दौरान लिपस्टिक केवल अभिनेत्रियों तक सीमित थी और तीन सदियों तक उन तक सीमित रही.
1880 में गुरेलिन नाम की एक फ्रेंच कंपनी पहली बार बाजार में लिपस्टिक लाई. यह लिपस्टिक हिरण के शरीर से निकलने वाली वसा, बीवैक्स और केस्टर ऑयल से मिलकर बनी थी और बाद में इसे रेशम में मिलाकर इस्तेमाल किया जाता था.
साल 1915 में श्रेय मॉरिस लेवी ने सिलेंड्रिकल पैंकिंग में लिपस्टिक का उत्पादन शुरु किया जो आज भी ट्रेंड में है.
साल 1920 में अलग-अलग शेड जैसे लाल, बैंगनी, चेरी और ब्राउन रंग की लिपस्टिक ट्रेंड में आ गई. इसी दौरान फ्रेंच केमिस्ट पॉल बॉडरक्रॉक्स ने किश प्रूफ लिपस्टिक बनाई. हालांकि वो मार्क्रेट में अपनी जगह नहीं बना पाई थी, क्योंकि महिलाओं के लिए इसे मिटाना बड़ा मुश्किल हो जाता था. फिर लिपस्टिक के मार्केट में ग्रोथ हुई और शनेल, एस्टी लॉडर, ग्वेरलेन जैसी कंपनियों की लिपस्टिक को बेचना शुरु कर दिया था.
अगर हम बात करें 1980 और 1990 की तो रेड लिपस्टिक ने फिर एक बार ट्रेंड सेट कर दिया और यह महिलाओं की पसंदीदा बन गई. शिमर और ग्लॉस लिपस्टिक का भी ट्रेंड इस दौर में ही आया था. हॉट पिंक लिपस्टिक इस समय काफी पॉपुलर बन गई थी.
साल 2000 के बाद लिपस्टिक मेकअप का अहम हिस्सा बन गई. लिपस्टिक के बिना मेकअप करने की महिलाएं कल्पना भी नहीं कर सकती थी. लिपस्टिक का इतिहास रोचक होने के साथ-साथ मुश्किल भी था. तो जब भी आप तैयार होते समय लिपस्टिक लगाएंगी तो खुद को इसके इतिहास को याद करता हुआ पाएंगी.
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