आषाढ़ 2025: कब से हो रहा है शुरू, क्या करें-क्या न करें, भगवान विष्णु की योगनिद्रा से जुड़ा ये महीना
सनातन धर्म में साल का 12 महीना बेहद महत्वपूर्ण और पवित्र माना जाता है. प्रत्येक महीना किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित होता है. हिंदू पंचांग के अनुसार आषाढ़ का माह शुरू होने वाला है और आषाढ़ का माह विशेष रूप से पवित्र माना जाता है. इस महीने से मौसम में भी अहम बदलाव देखने को मिलता है. इसके अलावा इसका धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व भी अधिक होता है. आषाढ़ माह में भगवान श्री हरि विष्णु की पूजा-आराधना करने का विधान है. तो चलिए इस रिपोर्ट में विस्तार से समझते हैं कि कब से शुरू हो रहा है आषाढ़ का माह और इस महीने क्या करने से बचना चाहिए.
अब भूलकर भी ना करें ये काम
कि हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल आषाढ़ महीने की शुरुआत 12 जून से हो रही है, जिसका समापन 11 जुलाई को होगा. इस दौरान भारी बारिश होती है और गर्मी से लोगों को राहत मिलती है. इसी महीने एकादशी तिथि के दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा में जाते हैं. इसी महीने चातुर्मास की भी शुरुआत होती है. चातुर्मास में कोई भी मांगलिक कार्य जैसे गृह प्रवेश, शादी, सगाई आदि संस्कार नहीं किए जाते हैं. इतना ही नहीं, इस महीने कुछ चीजों को करने से भी बचना चाहिए.
ना करें मांस और मदिरा का सेवन
आषाढ़ महीने में मांगलिक कार्य नहीं करने चाहिए. इसके साथ ही, इस महीने तामसिक भोजन भी नहीं ग्रहण करना चाहिए. विशेष तौर पर देवशयनी एकादशी से चातुर्मास शुरू होने के बाद तो गलती से भी मांस और मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए. इसके साथ ही इस महीने धार्मिक नियमों के उल्लंघन से भी बचना चाहिए. झूठ बोलना, छल-कपट, चोरी जैसे कर्मों से दूर रहना चाहिए. इस माह वृक्षों की कटाई से भी परहेज करना चाहिए.
इस महीने करें यह काम
इस महीने भगवान श्री हरि विष्णु की आराधना करनी चाहिए. विधि-विधान पूर्वक पूजा-अर्चना करें. इस महीने गुरु पूर्णिमा का भी पर्व मनाया जाता है, इसलिए अपने गुरु का सम्मान करें और उनके आदेश का पालन करें. इसके साथ ही, इस महीने जल, छाता और अन्य उपयोगी वस्तुओं का दान करना चाहिए. ऐसा करने से श्री हरि विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है.
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