अंतिम संस्कार के बाद बेटी जिंदा, सदमे में परिवार! पहचान की गलती या कुछ और? पुलिस जांच में जुटी
बेटी किसी और की, अंतिम संस्कार किसी और ने कर दिया, फिर व्यक्ति ने कुछ लोगों को हत्या का आरोपी बताकर उनके खिलाफ केस भी दर्ज करवा दिया… और जब अपनी बेटी जिंदा लौटी तो इलाके में हंगामा मच गया. घटना उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले की है. जिस लड़की के शव को एक व्यक्ति ने अपनी बेटी बताकर अंतिम संस्कार कर दिया था, उसकी बेटी जिंदा वापस मिल गई है. इसके बाद इलाके के लोग और पुलिस, दोनों हैरान हैं.
पुलिस इन सवालों का जवाब खोज रही है कि जिसका अंतिम संस्कार हुआ, आखिरकार वो लड़की कौन थी? किसी बेटी थी? कैसे उसकी मौत हुई? उसकी हत्या हुई है या फिर कहानी कुछ और ही है? वो कहां की रहने वाली है?
क्या है कहानी?
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे हमीरपुर जिले के जरिया क्षेत्र से गुजरता है. एक सप्ताह पहले इसी एक्सप्रेसवे के नीचे एक लड़की की लाश मिली थी. पुलिस को वहां लाश के होने की जानकारी मिली. इसके बाद पुलिस ने आस-पास के इलाकों में जानकारी भेजी और शव को पहचानने की अपील की. इसी कड़ी में मुस्कुरा थाना क्षेत्र के बिहुनी गांव के रहने वाले मलखान प्रजापति आगे आए. उन्होंने शव को अपनी बेटी शिवानी प्रजापति बताया. इसके बाद पुलिस ने शव को उन्हें सौंप दिया.
मलखान ने बेटी शिवानी प्रजापति का अंतिम संस्कार कर दिया. साथ ही उन्होंने गांव के युवक मनोज अनुरागी और उसके पिता महेश अनुरागी पर अपहरण व हत्या का मुकदमा दर्ज करवा दिया. केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की. पुलिस अपने खोजबीन के काम में लगी थी. तभी शिवानी प्रजापति के जिंदा होने की खबर मिली. इसके बाद पुलिस 17 वर्षीय बेटी शिवानी को जालौन के गोहांड कस्बे से बरामद कर लिया.
शिवानी के मिलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. पुलिस महकमे से लेकर इलाके लोगों के बीच शिवानी के जिंदा वापस आने पर चर्चा शुरू हो गई. सवाल उठने लगे कि आखिर जिसका अंतिम संस्कार किया गया वो कौन थी?
मृत शिवानी कैसे हुई जिंदा
जरिया के थाना प्रभारी मयंक चंदेल ने बताया कि युवती के शव की पहचान उसके पिता ने की थी. पुलिस ने इसी के आधार पर कार्रवाई करने के बाद पिता को युवती का शव सौंप दिया था. साथ ही उनकी तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी. मामले की जांच आगे बढ़ी तो शिवानी के जिंदा होने की जानकारी हाथ लगी और पुलिस ने उसे जिंदा बरामद कर परिवार को सौंप दिया.
अब हाइवे पर मिली लाश किसकी थी? ये सवाल रहस्य बना हुआ है. थाना प्रभारी मयंक चंदेल ने कहा कि वास्तव में यह गलती मलखान प्रजापति की है, क्योंकि उन्होंने ही शव को अपनी बेटी का शव बताया था. इसी आधार पर शव को उन्हें सौंपा गया था.
मृतक युवती कौन?
एक्सप्रेसवे के पास मिली मृतक युवती की उम्र 25 वर्ष के करीब बताई जा रही है. पुलिस को शक है कि युवती किसी दूसरे जिले की हो सकती है, जिसकी हत्या कर शव को एक्सप्रेसवे के पास फेंक दिया गया हो. पुलिस घटना की जांच कर रही है और मामले से जुड़े सबूतों की तलाश कर रही है. हालांकि, पुलिस के हाथ घटना से जुड़ी कोई जानकारी नहीं लगी है. पुलिस अभी इन सवालों के जवाब ढूंढ़ रही है.
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