यूपी के इस जिले में एक लाख से ज्यादा लाभार्थियों के पोषाहार पर मंडराया संकट
जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत लाभार्थियों का चेहरा प्रमाणीकरण और ई- केवाईसी पोषण ट्रैकर एप पर 30 जून तक नहीं होगा, उनके लिए पोषाहार की आपूर्ति नहीं होगी। साथ ही इस कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई होगी। जिले में ऐसे लगभग 1.31 लाख लाभार्थी ऐसे हैं, जिनका चेहरा प्रमाणीकरण और ई-केवाइसी अब तक नहीं हो पाए हैं, जिससे इनका पोषाहार अटक सकता है।
लाभार्थियों का चेहरा प्रमाणीकरण और ई-केवाइसी कार्य में जहा एक ओर कार्यकर्ताओं द्वारा लापरवाही की जा रही है वहीं दूसरी तरफ़ लाभार्थी भी इसमें रुचि नहीं ले रहे हैं। लाभार्थियों के आधार में उनके बायोमेट्रिक्स और फ़ोन नंबर अपडेट नहीं है, जिनके कारण बार-बार प्रयास करने पर भी उनका ई-केवाइसी सफल नहीं हो पा रहा है। अभी तक ई-केवाइसी ना होने वाले लाभार्थियों को भी पोषाहार कार्यकर्ताओं द्वारा दे दिया जाता रहा था, लेकिन अब 30 जून की समय सीमा इसके लिए निर्धारित की गई है।
प्रमुख सचिव बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार ने चेतावनी दी है कि जिन लाभार्थियों का ई-केवाइसी 30 जून तक नहीं होगा, उनके लिए पोषाहार नहीं दिया जाएगा। आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार वितरण के लिए 1,66,165 लाभार्थी पंजीकृत हैं। इनके चेहरा प्रमाणीकरण और ई-केवाइसी की प्रक्रिया चल रही है। अब तक 44,055 लाभार्थियों का केवल चेहरा प्रमाणीकरण हुआ है, 34,279 लाभार्थियों का चेहरा प्रमाणीकरण के साथ साथ ई-केवाइसी हो सकी है।
डीपीओ बुद्धि मिश्रा ने बताया कि 30 जून तक जिन परियोजनाओं के सभी लाभार्थियों के ई-केवाइसी और चेहरा प्रमाणीकरण नहीं हुआ तो उनके सीडीपीओ, ब्लाक समन्वयक और सुपरवाइजरों का जून का वेतन नहीं दिया जाएगा। जिन आंगनबाड़ी केंद्र पर 23 जून तक 80 प्रतिशत कार्य नहीं हुआ, उनका जून का मानदेय रोका जाएगा।
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