अब सीधे चुनाव नहीं लड़ूंगा, केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री जुएल ओरांव ने किया ऐलान
संबलपुर। वरिष्ठ आदिवासी नेता और केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री जुएल ओरांव ने घोषणा की है कि वह अब सीधे चुनाव नहीं लड़ूंगा। जिससे ओडिशा के राजनीतिक परिदृश्य में पीढ़ीगत बदलाव का संकेत मिलता है। संबलपुर में एक रोज़गार मेला में मंत्री ओरांव ने पुष्टि की कि वे लोकसभा या विधानसभा के लिए दोबारा चुनाव नहीं लड़ूंगा। और अपने उस रुख की पुष्टि की जिसका संकेत उन्होंने पिछले चुनावों के दौरान भी दिया था।
ओरांव ने कहा कि मैंने 10 बार चुनाव लड़ा है, इसलिए मेरी इच्छा है कि मैं सीधा चुनाव नहीं लड़ूंगा। ओराम ने भारतीय जनता पार्टी में युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने के अपने इरादे पर ज़ोर देकर कहा कि मैंने पिछले चुनावों में स्पष्ट कर दिया था कि मैं दोबारा चुनाव नहीं लड़ूँगा। अब युवा पीढ़ी के लिए रास्ता बनाने का समय आ गया है। चुनावी राजनीति से दूर होने के बावजूद, ओराम ने भाजपा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर ज़ोर दिया और कहा कि वह पार्टी द्वारा सौंपी गई ज़िम्मेदारियों को निभाने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने संकेत दिया कि अगर पार्टी उचित समझे, तब उन्हें राज्यसभा की सीट या राज्यपाल का पद भी मिल सकता है। सुंदरगढ़ से चार बार सांसद रहे जुएल ओराम पहली बार 1998 में लोकसभा के लिए चुने गए और अटल बिहारी वाजपेयी और नरेंद्र मोदी दोनों के कार्यकाल में केंद्रीय मंत्रिमंडल में रहे। उनकी राजनीतिक विरासत आदिवासी कल्याण, क्षेत्रीय सशक्तिकरण और ओडिशा के आदिवासी हृदयस्थल में निरंतर उपस्थिति में गहराई से निहित है। ओराम की घोषणा के साथ, ओडिशा के आदिवासी राजनीतिक आख्यान का एक महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त होता दिख रहा है, जिससे राज्य और राष्ट्रीय दोनों स्तरों पर नए नेतृत्व के उभरने का मार्ग प्रशस्त होगा।
सूर्यवंशी को आंख दिखाना पड़ा भारी! काइल जैमिसन पर BCCI का एक्शन
RBI Governor: इकोनॉमी मजबूत लेकिन कर्ज और महंगाई बढ़ने का खतरा
भारत में Cell Broadcast सेवा शुरू, मोबाइल पर आया सायरन अलर्ट क्यों?
प्रेम प्रसंग बना खौफनाक खेल, युवक की गोली मारकर हत्या
मतगणना पर सियासी घमासान: Suvendu Adhikari ने उठाए सवाल
Weather Update: अगले दो दिनों में बारिश, तापमान में गिरावट संभव
बंगाल में महिलाओं की बंपर वोटिंग, पुरुषों से 2.5% आगे निकलकर बदली सियासत
पुराना विवाद फिर सुर्खियों में: शाहरुख पर लगे आरोपों पर नया बयान
Emergency पर सियासत तेज, सांसद निशिकांत दुबे ने उठाए गंभीर सवाल