राजस्थान में बैठकर भिंड में ड्यूटी! मास्क लगाकर दे रहा था हाजिरी, GPS लोकेशन से खुली पोल
भिंड: अटेर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सार्थक ऐप के माध्यम से हाजिरी लगाने में फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसमें कर्मचारी अनुपस्थित रहकर राजस्थान और उत्तर प्रदेश में बैठकर हाजिरी लगा रहे थे या फिर मास्क पहनकर दूसरे कर्मचारियों द्वारा हाजिरी लगवाई जा रही थी। जिला स्तरीय स्वास्थ्य समीक्षा बैठक में मामला पकड़ में आने के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने संबंधित कर्मचारियों का वेतन काटने के निर्देश दिए हैं।
क्या है पूरा मामला
भिंड में नौकरी से अनुपस्थित रहकर सार्थक एप पर हाजिरी लगाने का फर्जीवाड़ा सामने आया है। यह मामला अटेर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है। यहां कुछ कर्मचारी ऐसे पकड़ में आए, जिनकी हाजिरी स्थानीय स्तर पर तैनात कर्मचारी मास्क पहनकर लगा देते थे। वहीं कुछ कर्मचारी यूपी और राजस्थान में रहकर एप पर हाजिरी लगा रहे थे। जिला स्तरीय स्वास्थ्य समीक्षा बैठक में मामले पकड़ में आने के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ जेएस यादव ने संबंधित कर्मचारियों का वेतन काटने के निर्देश दिए हैं।
समीक्षा बैठक में पकड़ा गया गड़बड़झाला
बैठक में अटेर ब्लॉक के समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, एएनएम, एमपीडब्ल्यू और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की जा रही थी। इस दौरान कुछ कर्मचारियों के द्वारा किए गए काम आठ से 10 दिन के ही दिखाई दिए, जबकि ऐप पर उनकी उपस्थिति पूरे माह की दिख रही थी। अटेर ब्लॉक के इंचार्ज ऑफिसर डॉ देवेश शर्मा ने ऐप चेक किया तो उनकी नजर ऐप पर मास्क व मुंह पर साफी बांधकर हाजिरी लगाने वाले कर्मचारियों पर पड़ी।
महीने के 20 दिन मुंह ढ़क कर हाजिरी
माह के करीब 20 दिन इन कर्मचारियों के फोटो पर मास्क व साफी थी। जब संबंधित कर्मचारियों से सवाल-जवाब किए तो फर्जीवाड़ा सामने आ गया। सीएचओ (सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी) सुनील कुमार, रिठौली की ऐप पर लोकेशन राजस्थान के शहर थी। सीएचओ रितु नागर, खिपोना एवं राजीव दीखतानपुरा द्वारा कभी मास्क तो कभी साफी से मुंह बांधकर ऐप पर हाजिरी लगाई गई।
ऐसे पकड़ी गई लोकेशन
सार्थक ऐप में लॉगइन कर हाजिरी लगाई जाती है। आईडी के आधार पर इसमें लोकेशन भी दर्ज हो जाती है। ऐसे में नौकरी से अनुपस्थित रहकर जिन लोगों ने हाजिरी लगाई। उनकी हाजिरी तो लग गई पर लोकेशन वह आई जहां वे वर्तमान में मौजूद थे। ऐसे में उन्हें ये मालूम ही नहीं चला कि ऐप में उनका फर्जीवाड़ पकड़ में आ रहा है।
दूसरों से लगवाते रहे हाजिरी
कुछ कर्मचारी ऐसे रहे, जिन्होंने अपनी नियुक्ति स्थल पर किसी कर्मचारी से ऐप में अपना लॉगइन करवाया और उससे हाजिरी लगवा दी। चूंकि इसमें लाइव दिखने के लिए पलक झपकाना जरूरी है, इसलिए हाजिरी लगाने वाले ने मुंह पर साफी बांधी या मास्क लगाया। ऐसे लगातार करने से मामला पकड़ में आ गया।
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