हाईवे पर किन लोगों के नहीं देना पड़ता टोल टैक्स? जानें एम्बुलेंस को लेकर क्या है नियम?
नई दिल्ली: भारतभर में लाखों लोग नेशनल हाई वे से गुजरते हैं. इन नेशनल हाईवे पर सफर करने के लिए उन्हें टोल टैक्स देना होता है. नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के टोल इर्न्फोमेशन सिस्टम के रिकॉर्ड के मुताबिक कश्मीर से कन्याकुमारी तक देश में कुल 1057 नेशनल हाईवे हैं.
ऐसे में चाहे आप कार, जीप या वैन जैसी नॉन कमर्शियल गाड़ियों से नेशनल हाईवे पर सफर करें या फिर कमर्शियल गाड़ियों जैसे टैक्सी, कैब, बस और ट्रक से. सभी गाड़ियों के लिए आपको टोल टैक्स देना होता है. हालांकि, कुछ लोग ऐसे भी जिनको टोल टैक्स से छूट दी गई है.
NHAI के मुताबिक टोल टैक्स से सिर्फ कुछ चुनिंदा लोगों और सर्विस के लिए छूट दी जाती है. इसमें इमरहजेंसी सर्विस से जुड़े वाहन से लेकर कुछ खास पदों पर बैठे शख्स शामिल हैं. तो चलिए अब आपको विस्तार से बताते हैं NHAI किन लोगों को टोल टैक्स में छूट देता है.
देश के अहम पदों पर बैठे अधिकारियों को छूट
भारत सरकार ने संविधान के अंतर्गत कुछ विशेष पदों पर आसीन लोगों को टोल टैक्स से छूट प्रदान की है. हालांकि, उन्हें यह छूट सिर्फ आधिकारिक यात्राओं के दौरान दी जाती है. इन लोगों में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष, सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जज शामिल हैं.
सांसद और विधायक भी छूटे के पात्र
देश के अहम पदों पर आसीन लोगों के अलावा सांसद और विधायकों को भी टोल टैक्स से छूट दी जाती है. खासकर तब जब वे अपने आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन के लिए यात्रा कर रहे हों.
इमरजेंसी वाहनों को छूट
NHAI आपात स्थिति में एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसे वाहनों को टोल टैक्स से छूट देता है. दरअसल, इन वाहनों को बिना किसी अड़चन के तेजी से अपनी मंज़िल तक पहुंचना होता है. ऐसे में यह टोल प्लाजा पर टैक्स का पेमेंट करने के लिए नहीं रुकते.
पुलिस, सेना और अर्धसैनिक बलों के लिए क्या है नियम?
NHAI के अनुसार सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को भी टोल टैक्स से छूट दी गई है. हालांकि, यह छूट तभी मिलती है, जब वे वर्दी में हों. अगर सुरक्षाकर्मी अपनी वर्दी में नहीं है तो उसे टोल टैक्स देना होगा.
दिव्यांगज नागरिकों को छूट
भारत सरकार ने दिव्यांगजनों के लिए भी टोल टैक्स में छूट दी है. हालांकि, उसके लिए उनके पास वैध विकलांगता प्रमाण पत्र होना चाहिए. यह सुविधा उनको इसलिए दी जाती है ताकि वह सहज और सुलभ तरीके से यात्रा कर सकें.
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