2.4 करोड़ मील: एक यात्री की अविश्वसनीय कहानी जिसने यात्रा को जिंदगी बना लिया
लंदन। टॉम स्टूकर की कहानी एक अनोखे यात्री की है, जिसने अपने डर पर काबू पाया और यात्रा को ही अपनी जिंदगी बनाया। न्यू जर्सी निवासी टॉम ने 2.4 करोड़ मील से ज़्यादा की हवाई यात्रा करके एक अद्भुत रिकॉर्ड बनाया है। यह दूरी इतनी है कि पृथ्वी से चाँद तक 50 बार आना-जाना हो सकता है। टॉम को शुरुआत में हवाई यात्रा से बहुत डर लगता था।
एक कार डीलरशिप कंसल्टेंट के रूप में उन्हें अक्सर काम के लिए ऑस्ट्रेलिया जाना पड़ता था। अपने डर को कम करने के लिए वे प्रार्थना और शराब का सहारा लेते थे। एक बार तो वे इतने नशे में थे कि लैंडिंग के बाद अपनी सीट से उठ भी नहीं पाए। लेकिन बार-बार यात्रा करने से उनका डर धीरे-धीरे खत्म हो गया। 2,90,000 डॉलर में लाइफटाइम अनलिमिटेड फर्स्ट-क्लास पास। टॉम ने तुरंत यह पास खरीद लिया। इसी पास ने उनकी जिंदगी बदल दी। इस पास की मदद से, उन्होंने 2009 में 1 करोड़ मील, 2018 में 2 करोड़ मील और मई 2024 तक 2.4 करोड़ मील का सफर पूरा किया।
वे 12,000 से ज़्यादा उड़ानें भर चुके हैं और 100 से ज़्यादा देशों की यात्रा कर चुके हैं। अकेले ऑस्ट्रेलिया की यात्रा 300 से ज़्यादा बार की है। यूनाइटेड एयरलाइंस ने टॉम को सिर्फ एक यात्री नहीं बल्कि अपना ब्रांड एंबेसडर माना। उन्होंने दो विमानों का नाम टॉम के नाम पर रखा और उनके खास माइलस्टोन पर आसमान में पार्टियाँ भी आयोजित कीं। अपनी यात्राओं के दौरान ही टॉम की मुलाकात उनकी पत्नी से हुई और वे दोनों 120 से ज़्यादा हनीमून ट्रिप पर जा चुके हैं। उनकी कहानी इतनी दिलचस्प है कि 2009 की हॉलीवुड फिल्म अप इन द एयर उन्हीं की जिंदगी से प्रेरित थी, जिसमें जॉर्ज क्लूनी ने उनका किरदार निभाया था। टॉम स्टूकर की कहानी सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि यह दिखाती है कि अगर आप अपने डर का सामना करें तो सफर आपके लिए एक खूबसूरत अनुभव बन सकता है।
सपनों को मिला कलेक्टर का साथ, द कलेक्टर्स-15 से शुरू हुई बदलाव की नई इबारत
मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी राकेश कुमार कुशवाह ने ओपन इंडिया प्री-स्टेट शूटिंग प्रतियोगिता में जीता स्वर्ण पदक
प्रधानमंत्री मोदी ने सीधी जिले में बने 1500 तालाबों और नरसिंहपुर के अमृत सरोवरों का मन की बात में किया उल्लेख
युवाओं के नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को मिलेगा नया आयाम : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
जैविक खेती से एरिन भगत बनीं आत्मनिर्भर, प्राकृतिक कृषि से घटी खेती की लागत
अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस में भोपाल में "रन फॉर टाइगर का भव्य आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवाड़ी के नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन का किया लोकार्पण
बिहान योजना से मिली नई पहचान, पोषण सखी बन महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की बनीं संरक्षक
एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत विद्यार्थियों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश