अर्थव्यवस्था की रफ्तार बढ़ी, उम्मीद से बेहतर GDP पर शेयर बाजार में जोश
व्यापार: अप्रैल-जून में भारत की अर्थव्यवस्था में उम्मीद से ज्यादा 7.8 फीसदी की वृद्धि के बाद सोमवार को शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार में हरियाली दिखी। इस दौरान बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी दर्ज की गई। जीडीपी के मामले में यह पांच तिमाहियों में सबसे तेज वृद्धि है। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 343.46 अंक चढ़कर 80,153.11 पर पहुंच गया। ऐसे ही 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 105.8 अंक बढ़कर 24,532.65 पर आ गया।
किसे फायदा-किसे नुकसान?
सेंसेक्स की कंपनियों में इंफोसिस, टेक महिंद्रा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, पावर ग्रिड, एचसीएल टेक और एनटीपीसी सबसे ज्यादा फायदे में दिखीं। हालांकि, हिंदुस्तान यूनिलीवर, रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईटीसी और सन फार्मा पिछड़ती नजर आईं। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 8,312.66 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 11,487.64 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ी अर्थव्यवस्था
इससे पहले अप्रैल-जून में भारत की अर्थव्यवस्था उम्मीद से कहीं ज्यादा 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ी। यह पांच तिमाहियों में सबसे तेज गति थी। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ लगाए थे। इससे व्यापार जगत इहशत में है। इससे कपड़ा जैसे प्रमुख निर्यातों पर खतरा मंडरा रहा है।
सेंसेक्स के 30 शेयरों का हाल
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा, 'भारत की पहली तिमाही की जीडीपी वृद्धि दर 7.8% रही, जो उम्मीद से कहीं बेहतर है। प्रस्तावित जीएसटी सुधार आने वाली तिमाहियों में विकास को गति दे सकते हैं। इसके साथ ही म्यूचुअल फंडों में आने वाली भारी नकदी भी बाजार को सहारा देती रहेगी।' विजयकुमार ने कहा कि ट्रंप के गुस्से के जवाब में वैश्विक भू-राजनीति तेजी से बदल रही है। उन्होंने आगे कहा, 'चीन, भारत और रूस के एक साथ आने से वैश्विक शक्ति समीकरणों और इस तरह वैश्विक व्यापार पर गहरा असर पड़ सकता है। इसका शेयर बाजार पर भी असर पड़ेगा।'
एशियाई और अमेरिकी बाजारों का हाल
एशियाई बाजारों में शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सकारात्मक दायरे में कारोबार कर रहे थे, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्केई 225 सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुआ। शुक्रवार को अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए थे। वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 0.41 प्रतिशत गिरकर 67.20 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
पिछले कारोबारी दिन का हाल
इससे पहले पिछले कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को सेंसेक्स 270.92 अंक या 0.34 प्रतिशत गिरकर 79,809.65 पर बंद हुआ था। ऐसे ही निफ्टी 74.05 अंक या 0.30 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,426.85 पर बंद हुआ था।
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