गाँव में शराब पूरी तरह बंद, बेचने पर 21 हजार का जुर्माना
टीकमगढ़। एक तरफ मध्य प्रदेश में शराबबंदी की मांग की उठ रही है। इस बीच राज्य के टीकमगढ़ जिले के एक गांव में पूरी तरह से शराब पर बैन लगा दिया गया है। यह फैसला न तो पुलिस ने लिया है और न ही प्रशासन ने, लेकिन अगर किसी ने भी मगरई गांव में शराब बेची तो उस पर 21 हजार रुपए का जुर्माना लगेगा. वहीं, शराब पीने पर 11 हजार रुपए का जुर्माना लगेगा. यह फैसला मगरई गांव में पंचायत ने लिया है।
21 हजार रुपए का जुर्माना
टीकमगढ़ जिले की पलेरा जनपद के ग्राम मगरई में ग्रामीणों ने शराबबंदी का फैसला लिया है। गांव में हुई ग्रामसभा में सर्वसम्मति से तय किया गया कि अब गांव में न तो शराब बेची जाएगी और न ही पी जाएगी। इसके बाद गांव में इसकी घोषणा की गई. वहीं, शराब बेचने वालों पर 21 हजार रुपए और पीने वालों पर 11 हजार रुपए का जुर्माना तय किया गया है।
किया जाएगा सामाजिक बहिष्कार
ग्राम के गांधी चबूतरा पर हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। जुर्माने के बावजूद अगर कोई शराब बेचता या पीता है तो उसका सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। ग्रामीणों ने घर-घर जाकर शराबबंदी की जानकारी दी और पर्चे बांटे. ग्रामीणों ने बताया कि गांव में लंबे समय से शराब की बिक्री हो रही थी। युवा पीढ़ी शराब की आदी होती जा रही थी। शराब के कारण घर की महिलाओं को परेशानियां झेलनी पड़ती थीं। रोज नए विवाद होते थे, सभी ने अपने विचार रखे और सामूहिक रूप से शराब पर प्रतिबंध लगाने की सहमति दी। शराब बिक्री के स्थानों पर पर्चे पहुंचाकर सख्त हिदायत दी गई।
वनाधिकार पट्टा और पीएम आवास से मुरिया परिवार को मिला नया जीवन
वर्मी कंपोस्ट उत्पादन बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल
राज्यपाल पटेल से भारतीय विदेश सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी मिले
मध्यप्रदेश को सामाजिक न्याय के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिये करें समन्वित प्रयास : मंत्री कुशवाह
लेमनग्रास -किसानों के लिए कम पानी में ज्यादा कमाई का साधन
चेकडैम बना ग्रामीण आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार, जल संरक्षण से बदली खेती की तस्वीर
कौशल और सामाजिक उद्यमिता से होगा भारत विकसित : राज्यपाल पटेल
द्वारका नगरी योजना से शहरी विकास को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से बदली तस्वीर