न मैदा और न चीनी... फिर भी बनेगा वही स्वाद वाला ठेकुआ, बस डालनी है ये हेल्दी चीज, शरीर में बढ़ाएगा आयरन
ठेकुआ बिहार और झारखंड की पारंपरिक मिठाई है, जिसे खासतौर पर छठ पूजा के अवसर पर बनाया जाता है. इसका स्वाद न केवल लाजवाब होता है बल्कि यह बेहद पौष्टिक भी होती है. आमतौर पर ठेकुआ मैदा और चीनी से बनाया जाता है, लेकिन आज हम आपको बता रहे हैं बिना मैदा और चीनी के हेल्दी ठेकुआ रेसिपी, जो स्वाद में बिल्कुल पारंपरिक लगेगी पर सेहत के लिए और भी बेहतर होगी. इस रेसिपी में हम गेहूं के आटे और गुड़ का इस्तेमाल करेंगे, जो शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ पाचन के लिए भी फायदेमंद हैं.
सबसे पहले जानते हैं कि इस हेल्दी ठेकुआ को बनाने के लिए क्या-क्या चाहिए. इसके लिए आपको चाहिए- दो कप गेहूं का आटा, एक कप कसा हुआ गुड़ (या गुड़ का घोल), एक चौथाई कप नारियल का बुरादा, दो बड़े चम्मच देसी घी, एक चम्मच सौंफ, थोड़ा सा इलायची पाउडर और पानी जरूरत अनुसार. चाहें तो इसमें कटे हुए सूखे मेवे जैसे बादाम, काजू या किशमिश भी डाल सकते हैं, जो स्वाद और पौष्टिकता दोनों बढ़ाते हैं.
अब बात करते हैं इसके बनाने के तरीके पर
– सबसे पहले एक बर्तन में कसा हुआ गुड़ और थोड़ा पानी डालकर धीमी आंच पर पिघला लें.
– जब गुड़ अच्छी तरह से घुल जाए तो गैस बंद करके उसे ठंडा होने दें.
– अब एक बड़े बर्तन में गेहूं का आटा, नारियल का बुरादा, इलायची पाउडर, सौंफ और देसी घी डालें.
– इन सबको अच्छे से मिलाएं ताकि मिश्रण हल्का कुरकुरा महसूस हो.
– फिर धीरे-धीरे गुड़ का घोल डालते हुए नरम पर थोड़ा टाइट आटा गूंथ लें.
– ध्यान रहे कि आटा न ज्यादा सख्त हो और न ज्यादा ढीला.
– अब आटे से छोटे-छोटे गोले बनाएं और हाथ से दबाकर ठेकुआ का आकार दें.
– अगर आप चाहें तो पारंपरिक लकड़ी वाले मोल्ड का इस्तेमाल भी कर सकते हैं, उसपर डिजाइन लाने के लिए.
– एक पैन में देसी घी या नारियल तेल गर्म करें और धीमी आंच पर ठेकुआ को तलें.
– जब ये सुनहरे भूरे रंग के हो जाएं और चारों तरफ से कुरकुरे दिखें, तो इन्हें निकालकर टिश्यू पेपर पर रखें ताकि अतिरिक्त तेल निकल जाए.
सशक्त नारी, समृद्ध परिवार : महतारी वंदन योजना से महिलाओं को मिल रहा आत्मनिर्भरता का संबल
पशु सखियों के प्रशिक्षण से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा
दतिया पुलिस की बड़ी सफलता
मसाला फसलों के उत्पादन में हम अव्वल, उद्यानिकी फसलों के रकबे का करें विस्तार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
वैष्णो देवी के बाद बद्रीनाथ में चमत्कार, 5 साल बाद मिला खोया बेटा
साय सरकार की पहल से महिलाओं के सपनों को मिल रही नई उड़ान
प्रधानमंत्री आवास योजना से साकार हो रहे हजारों सपनों के घर
अल्पविराम टूल किट के माध्यम से जीवन में कराया जा रहा है आनंद का अहसास
खाई में गिरी कार, आग लगते ही दो जिंदगियां खत्म—चिंतपूर्णी हादसा