नालासोपारा: रेलवे पुलिस बल (आरपीएफ) ने यात्रियों को धोखाधड़ी से बचाने और रेलवे प्रणाली की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है। “ऑपरेशन उपलब्ध” अभियान के तहत आरपीएफ ने 26 अक्टूबर को नालासोपारा में ई-टिकट दलालों के खिलाफ छापा मारा।यह पूरी कार्रवाई आरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों के कड़े दिशा-निर्देशों और निरीक्षक लोकेश यादव के नेतृत्व में हुई। आरपीएफ की टीम ने नालासोपारा (पूर्व) के काली माता मंदिर के पास स्थित दुकान नंबर 8 पर छापा मारा। इस छापेमारी में 23 वर्षीय अताउल्लाह,पुत्र अतीकुल्लाह को गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि आरोपी IRCTC का अधिकृत एजेंट नहीं था और रेलवे की व्यक्तिगत उपयोगकर्ता आईडी का दुरुपयोग करके ई-टिकट बुक करता था। इसके बाद वह यात्रियों को रेलवे किराए से अधिक कमीशन पर टिकट बेचता था।छापेमारी में हुई बरामदगी: 1 लाइव ई-टिकट, मूल्य ₹1,447,15 प्रयुक्त ई-टिकट, कुल मूल्य ₹31,234,1 पुराना एप्पल मोबाइल,ए4 आकार के कागज़ पर आईडी विवरण।

यह छापेमारी नालासोपारा आरपीएफ के एसआईपीएफ सुभाष चंद्र यादव और एएसआई भानु प्रताप सिंह द्वारा की गई। आरोपी के खिलाफ धारा 143(1) रेलवे एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच एएसआई भगवान सिंह गुर्जर कर रहे हैं

आरपीएफ की इस कार्रवाई से न केवल ई-टिकट धोखाधड़ी पर लगाम लगी है, बल्कि यात्रियों को सुरक्षित और भरोसेमंद रेलवे सेवाओं का भरोसा भी मिला है। विशेषज्ञों और नागरिकों के अनुसार, आरपीएफ की यह कार्रवाई नालासोपारा क्षेत्र में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक मिसाल है।आरपीएफ का यह प्रयास यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे प्रणाली की विश्वसनीयता को बढ़ावा देने में एक अहम कदम माना जा रहा है।