बाजार में बिकवाली का दबाव, सेंसेक्स 600 अंक टूटा, निफ्टी 25900 के पार नहीं टिक पाया
व्यापार: भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को लाल निशान पर बंद हुआ। ताजा विदेशी पूंजी निकासी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा भविष्य में ब्याज दरों पर निर्णय को लेकर कोई स्पष्टता नहीं होने से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई।
बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी में करीब एक प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 592.67 अंक या 0.70 प्रतिशत की गिरावट के साथ 84,404.46 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 684.48 अंक या 0.80 प्रतिशत गिरकर 84,312.65 अंक पर आ गया। वहीं 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 176.05 अंक या 0.68 प्रतिशत गिरकर 25,877.85 पर आ गया। मजबूत अमेरिकी डॉलर, कमजोर घरेलू बाजार और अमेरिकी फेड के आक्रामक रुख के कारण गुरुवार को रुपया अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 48 पैसे गिरकर 88.70 (अनंतिम) पर बंद हुआ।
सेंसेक्स की कंपनियों का हाल
सेंसेक्स की कंपनियों में भारती एयरटेल, पावर ग्रिड, टेक महिंद्रा, इंफोसिस, बजाज फाइनेंस और रिलायंस इंडस्ट्रीज प्रमुख रूप से पिछड़ने वाले शेयरों में शामिल रहे। वहीं, लार्सन एंड टुब्रो, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, अल्ट्राटेक सीमेंट और मारुति लाभ में रहीं।
फेड का फैसलों का असर देखने को मिला
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, "जैसा कि अपेक्षित था, अमेरिकी फेड ने ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की कटौती की। हालांकि, अध्यक्ष जेरोम पॉवेल द्वारा यह संकेत दिए जाने के बाद कि यह 2025 की आखिरी ब्याज दर कटौती हो सकती है, बाजार में मजबूती आई, जिससे आगे मौद्रिक नरमी की उम्मीदें कम हुईं। अमेरिकी डॉलर में आई मजबूती ने भारत सहित उभरते बाजारों में जोखिम-मुक्त धारणा को बढ़ावा दिया।"
यूरोपीय बाजारों में दिखी गिरावट
एशियाई बाजारों में शंघाई का एसएसई कम्पोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्केई 225 सूचकांक सकारात्मक दायरे में बंद हुए। यूरोप के बाजार गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। बुधवार को अमेरिकी बाजार मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए।
निवेशकों ने दिखाई सतर्कता
ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ टेक फर्म एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा, "अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा भविष्य में ब्याज दरों में कटौती की अनिश्चितता के कारण गुरुवार को बाजारों में व्यापक बिकवाली देखी गई, जिससे वैश्विक जोखिम धारणा कमजोर हुई और निवेशक सतर्क हो गए। एफआईआई लगातार मुनाफावसूली कर रहे हैं, जबकि डीआईआई ने चुनिंदा खरीदारी का समर्थन जारी रखा, जिससे बाजार को गहरी गिरावट से बचाने में मदद मिली।"
ब्रेंट क्रूड का भाव गिरकर 64.54 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.59 प्रतिशत गिरकर 64.54 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 2,540.16 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने पिछले कारोबार में 5,692.81 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। बुधवार को सेंसेक्स 368.97 अंक या 0.44 प्रतिशत चढ़कर 84,997.13 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 117.70 अंक या 0.45 प्रतिशत बढ़कर 26,053.90 पर बंद हुआ।
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