सांसद राहुल सिंह लोधी ने 1950 को बताया ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ बनने का सही समय
दमोह लोकसभा क्षेत्र के सांसद राहुल सिंह लोधी ने सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150 जयंती के मौके पर निकाली जा रही यात्रा के दूसरे चरण का शुभारंभ करते हुए कांग्रेस और जवाहरलाल नेहरू पर निशाना साधा। बुधवार दोपहर एक सभा में राहुल सिंह ने कहा प्रधानमंत्री मोदी जो आज एक भारत, श्रेष्ठ भारत का संकल्प लेकर चल रहे हैं। वह 1950 में पूरा हो जाता, यदि सरदार वल्लभ भाई पटेल को देश का पहला प्रधानमंत्री बना दिया गया होता, लेकिन नेहरू को यह गवारा नहीं था और उन्होंने गांधीजी से बात करके खुद को प्रधानमंत्री बनवा लिया, जबकि सीडब्ल्यूसी की बैठक में 11 लोगों में से नौ लोगों ने सरदार पटेल को अध्यक्ष बनाने वोट दिया था।
सब जानते थे कि जो कांग्रेस का अध्यक्ष होगा वही आजाद देश का पहला प्रधानमंत्री होता। सरदार पटेल ही वह व्यक्ति थे, जिन्होंने देश के आजाद होने के बाद खंड-खंड भारत को अखंड बनाने का काम किया और 500 से अधिक रियासतों को एक साथ जोड़कर अखंड भारत बनाया, लेकिन उसके बाद भी 40 वर्षों तक कांग्रेस ने सरदार पटेल को भारत रत्न नहीं दिया, लेकिन जब अटल बिहारी वाजपेई की सरकार बनी तो सरदार पटेल को भारत रत्न देकर उनका सम्मान किया।
इस मौके पर मौजूद मध्य प्रदेश के पशुपालन राज्य मंत्री लखन पटेल ने लोगों से कहा कि इस बार वोटर लिस्ट को अपडेट किया जा रहा है, जिसे एसआईआर यानी स्पेशल इंटेंसिव रिव्यू कहा जाता है। इसके तहत 2003 के बाद जितने भी लोगों के नाम वोटर लिस्ट में जुड़े हैं वह शून्य माने जाएंगे और उन लोगों को दोबारा वोटर लिस्ट में जुड़वाने के लिए दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। उन्होंने कहा कि यह करना आवश्यक है। ऐसा इसलिए क्योंकि हमारे देश में कई घुसपैठिए दूसरे देशों से आकर घुस गए हैं, जो हमारे लोगों का हक छीन रहे हैं उन्हें चिन्हित करके देश से बाहर खदेड़ना है। दूसरे चरण की यात्रा दमोह के जेरठ से शुरू हुई और कजरेटी, किशनगंज, नरसिंहगढ़ से होते हुए फसिया नाला पहुंची जहां यात्रा का समापन किया गया।
एमपी में भर्ती का बड़ा मौका: 10 परीक्षाओं का शेड्यूल जारी, 3000+ पदों पर भर्ती
कर्मचारियों के खिलाफ जांच और कार्रवाई का ऑनलाइन ब्योरा होगा उपलब्ध
गुरुग्राम से बुलंदशहर-अलीगढ़ तक मनोज का अपहरण
US-Iran Ceasefire: कच्चे तेल में बड़ी गिरावट, भारतीय शेयर बाजार में आई तूफानी तेजी
ट्रंप की चेतावनी के बाद अलर्ट: ईरान में भारतीय दूतावास ने जारी की बड़ी एडवाइजरी
एमपी में मौसम का डबल अटैक: कहीं आंधी-बारिश तो कहीं तेज गर्मी का कहर
महायुद्ध में सीजफायर: ईरान की 10 शर्तें सामने, क्या अमेरिका मानेगा ये बड़ी डील?
सच्चे ज्ञानी की विशेषता
क्यों Kal Bhairav ने काटा Brahma का सिर? जानें ‘काशी के कोतवाल’ बनने की रहस्यमयी कथा