​मुंबई : ओशिवरा पुलिस थाने में उस समय बड़ा विवाद खड़ा हो गया, जब नाबालिग हिंदू लड़की से यौन छेड़छाड़ के एक संवेदनशील मामले में न्याय की मांग करने पहुंचे हिंदुत्ववादी कार्यकर्ताओं को पुलिस अधिकारियों के कथित दमन और अमानवीय व्यवहार का सामना करना पड़ा। बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधिकारियों पर उन्हें बेरहमी से पीटने और गाली-गलौज करने का गंभीर आरोप लगाया है।

​घटना दिनांक 04 नवंबर 2025 की शाम को ओशिवरा पुलिस स्टेशन क्षेत्र के आनंदनगर परिसर में हुई। शिकायत के अनुसार, मुस्लिम समुदाय के कुछ युवकों ने एक अल्पायु हिंदू लड़की के साथ लैंगिक छेड़छाड़ किया। और साथ ही वही उपस्थित एक और लड़की से अभद्र भाषा में उसे अपने घर लेजाने का प्रयास किया। इस गंभीर मामले में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर बजरंगदल के कार्यकर्ता ओशिवरा पुलिस स्टेशन पहुंचे थे।

​कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि थाने में मौजूद पुलिस अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से लेने के बजाय, आरोपियों के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज न करने के लिए उन पर जबरन दबाव बनाना शुरू कर दिया। जब कार्यकर्ताओं ने पुलिस के दबाव को सिरे से नकारते हुए, पीड़िता के लिए न्याय की अपनी मांग पर दृढ़ता से डटे रहने की भूमिका ली, तब उन भ्रष्ट अधिकारियों का गुस्सा फुट पड़ा। और पुलिस अधिकारियों ने आक्रोश में आकर उनपर अभद्र भाषा का प्रयोग कर उनके साथ से मारा-पीट किया।

​इस गंभीर दुर्व्यवहार के लिए विहिप कार्यकर्ताओं ने सीधे तौर पर ओशिवरा पुलिस थाने के तीन अधिकारियों  रमेश केंगारे, गणेश गायके और अजीम नदीम राशिद झारी को जिम्मेदार ठहराया है। कार्यकर्ताओं ने इस घटना को अत्यंत निंदनीय बताते हुए कहा है कि पुलिस के इन भ्रष्ट अधिकारियों का यह पक्षपाती और दमनकारी रवैया समाज में पुलिस बल की छवि को धूमिल कर रहा है और अविश्वास पैदा कर रहा है।

​इस पूरे विवाद और हिंदू संगठनों में व्याप्त भारी रोष व्यक्त करने पर पुलिस विभाग के बड़े अधिकारियों ने दोषी पुलिस वालों पर कार्यवाही करने का आश्वासन दिया हैं।

VHP ने मुंबई पुलिस आयुक्त को ज्ञापन देकर कड़ी कार्यवाही की मांग की है। और अपना रोष व्यक्त करने हेतु रविवार को ओशिवारा बंद का आह्वाहन किया हैं।