घाटशिला उपचुनाव : कल्पना सोरेन के आंसू और जयराम का सवाल, क्या भावुकता से मिलेंगी नौकरियां और सड़कें?
धनबाद (Dhanbad): झारखंड की रजत जयंती के अवसर पर जिले में 11 नवंबर 2025 से भव्य कार्यक्रमों की शुरुआत होने जा रही है। इस सिलसिले में उपायुक्त आदित्य रंजन के निर्देशानुसार धनबाद में ‘Run for Jharkhand - एकता और प्रगति की दौड़’ का जिला स्तरीय आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम 11 नवंबर की सुबह गोल्फ ग्राउंड से शुरू होगा और इसमें हर वर्ग के लोग शामिल होंगे।
झारखंड राज्य स्थापना दिवस (15 नवंबर) के उपलक्ष्य में आयोजित यह कार्यक्रम राज्य के गौरव और एकता का प्रतीक बनेगा। आयोजन का उद्देश्य युवाओं में स्वास्थ्य, फिटनेस और खेल भावना को बढ़ावा देना है। साथ ही ‘Fit Jharkhand - Healthy Jharkhand’ का संदेश जन-जन तक पहुंचाना भी इसका मुख्य मकसद है। खेल और पर्यटन के माध्यम से सामाजिक एकता और स्थानीय सहभागिता को सशक्त करने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
इस दौड़ में चार वर्गों के प्रतिभागी हिस्सा ले सकेंगे—विद्यालयी छात्र-छात्राएँ, महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय छात्र, आम नागरिक एवं खेल प्रेमी, और प्रशासनिक अधिकारी व पुलिस बल के सदस्य। प्रतिभागियों के लिए विभिन्न खेल विधाओं में पुरस्कार भी रखे गए हैं।
पुरस्कार विवरण:
-
वर्ग: Open (पुरुष/महिला)
-
प्रथम स्थान: ₹3000 + ट्रॉफी
-
द्वितीय स्थान: ₹2000 + ट्रॉफी
-
तृतीय स्थान: ₹1000 + ट्रॉफी
-
सभी इच्छुक प्रतिभागी कल सुबह 6:30 बजे तक गोल्फ ग्राउंड पहुंचकर अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। ‘Run for Jharkhand’ न केवल एक खेल आयोजन है, बल्कि राज्य की एकता और प्रगति का प्रतीक बनने जा रहा है।
विश्व धरोहर दिवस पर रायपुर में सजी विरासत की अनोखी झलक, संरक्षण पर विशेषज्ञों का मंथन
बंदूक से विकास की ओर: सुकमा के तुंगल इको-पर्यटन केंद्र की प्रेरक कहानी
उमरिया जिले की पूजा सिंह ने रची आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानी
हमने सीवर सफाई के काम को चुनौती के रुप में स्वीकार किया है और हम बदलाव लाकर दिखाएंगे : ऊर्जा मंत्री तोमर
दिशा दर्शन भ्रमण आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर मिले दो प्रतिष्ठित पुरस्कार
राज्यमंत्री गौर का सख्त रुख: लापरवाही पर एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश
महतारी वंदन योजना से संवर रही पहाड़ी कोरवा परिवारों की तकदीर