दिल्ली : लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास सोमवार शाम हुए भीषण कार विस्फोट में 10 लोगों की मौत और कई घायल होने के एक दिन बाद, केंद्र सरकार ने इस घटना को संभावित आतंकी हमला मानते हुए इसकी जाँच राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) को सौंप दी है।

अब NIA दिल्ली पुलिस से केस अपने हाथ में लेकर विस्फोट में उपयोग किए गए विस्फोटक पदार्थ, नेटवर्क कनेक्शन और आतंकी साजिश के सभी पहलुओं की गहराई से पड़ताल करेगी। इससे पहले राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) और फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीमों ने स्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए थे।

गृह मंत्रालय का यह निर्णय केंद्र की ओर से इस घटना की व्यापक और निष्पक्ष जाँच कराने की मंशा को दर्शाता है। शुरुआती जांच में पुलवामा मॉड्यूल से संभावित लिंक सामने आया है, जिसके पीछे पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद के निर्देशों की आशंका जताई जा रही है।

दिल्ली पुलिस ने हरियाणा नंबर की हुंडई i20 कार का 11 घंटे का रूट ट्रेस किया है, जिसमें पता चला कि यह वाहन फरीदाबाद से रवाना होकर कई स्थानों से गुजरते हुए लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास पहुँचा, जहाँ विस्फोट हुआ।

जाँच एजेंसियाँ अब फरीदाबाद के एक विश्वविद्यालय से जुड़े संदिग्ध नेटवर्क, उस नेटवर्क के सक्रिय और निष्क्रिय सदस्यों तथा विस्फोटक सामग्री की उत्पत्ति की गहन जांच कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार, यह पूरा मॉड्यूल एक अंतर-राज्यीय आतंकी नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।

इसी बीच, हरियाणा पुलिस और जम्मू-कश्मीर पुलिस के संयुक्त अभियान में फरीदाबाद के एक अपार्टमेंट से 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट और करीब 2,900 किलो IED बनाने की सामग्री, जिसमें रसायन, डेटोनेटर और तार शामिल थे, बरामद की गई। इस मामले में डॉ. मुज़म्मिल शकील और आदिल राथर को गिरफ्तार किया गया है।

सूत्रों के मुताबिक, फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा डॉ. उमर मोहम्मद वही व्यक्ति था जो विस्फोट के समय कार में मौजूद था और उस पर आत्मघाती हमले (फिदायीन मिशन) का संदेह है।

जाँच में यह भी सामने आया कि विस्फोटक कार “तारिक” नामक व्यक्ति के नाम से खरीदी गई थी, जो मूल रूप से पुलवामा का निवासी है। कार पहले मो. सलमान के नाम पर थी, फिर नदीम और अंततः पुलवामा निवासी तारिक ने इसे खरीदा था।

अधिकारियों का मानना है कि डॉ. मुज़म्मिल की गिरफ्तारी के बाद तारिक ने घबराहट में यह हमला अंजाम दिया, जिससे इस आतंकी नेटवर्क के तार दिल्ली, फरीदाबाद और पुलवामा तक जुड़ते दिखाई दे रहे हैं।