पंजाब के संगठनों का रोष मार्च आज, शंभू बैरियर पार कर दिल्ली की ओर रुख
चंडीगढ़-पंजाब: पंजाब-हरियाणा की सीमा पर पटियाला जिले के शंभू बॉर्डर पर एक बार फिर से किसान पहुंचे हैं। पंजाब से किसान जेलों में बंद बंदी सिंहों की रिहाई के लिए शंभू बॉर्डर के जरिए दिल्ली कूच करने आ रहे थे।
शंभू बॉर्डर पर पुलिस ने नाकेबंदी कर कौमी इंसाफ मोर्चे के नेताओं को रोक दिया है। बड़ी संख्या में किसान नेता और कौमी इंसाफ मोर्चे के नेता गुरचरण सिंह हवारा के साथ पहुंचे। बड़ी संख्या में बसें पंजाब से आ रही हैं। हवारा ने बयान दिया है कि उन्हें दिल्ली जाने से रोका जा रहा है और बड़ी संख्या में वाटर कैनन की गाड़ियां और पुलिस बल यहां मौजूद है। उन्होंने कहा कि सभी नाकों पर काफी लोगों को रोका गया है।
इसी साल फरवरी में किसान आंदोलन के चलते पुलिस ने किसानों के मोर्चे को शंभू बॉर्डर से हटाकर हाईवे को एक साल बाद खोला गया था। पुलिस ने शंभू और खनौरी बॉर्डर पर किसानों के अस्थायी टैंटों को उखाड़ फेंका था। ऐसे में एक बार फिर से किसान शंभू बॉर्डर पर पहुंच कर दिल्ली के लिए कूच करेंगे।
राष्ट्रीय इंसाफ मोर्चा और किसान संगठनों की ओर से शुक्रवार को शंभू बैरियर तक रोष मार्च निकाला जाएगा, जिसके बाद वह दिल्ली के लिए कूच करेंगे। किसान नेता रणजीत सिंह सवाजपुर ने बताया कि जेलों में बंद बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर दिल्ली की तरफ कूच किया जाएगा। इसके मद्देनजर पुलिस प्रशासन की ओर से ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की गई है।
लाडोवाल टोल प्लाजा पर इकट्ठा होंगे किसान
दोआबा और माझा की तरफ के किसान लाडोवाल टोल प्लाजा पर इकट्ठा होकर आगे के लिए कूच करेंगे।
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