प्रदेश के स्कूलों में पढ़ाये जा रहे पाठ्यक्रम पर हो निरंतर रिसर्च
भोपाल : स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने प्रदेश के स्कूलों में पढ़ाये जा रहे पाठ्यक्रम पर निरंतर शोध करने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम में प्रदेश की संस्कृति, विरासत, आंचलिक विशेषताओं और जनजातीय गौरव जैसे विषयों को शामिल किये जाने पर विशेष ध्यान दिया जाये। इस प्रक्रिया से बच्चों को मध्यप्रदेश की विशेषताओं को समझने का मौका मिलेगा। स्कूल शिक्षा मंत्री बुधवार को मंत्रालय में पाठ्यक्रम समिति के सदस्यों से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता में और वृद्धि के लिये शिक्षकों को लगातार प्रशिक्षण दिये जाने पर भी जोर दिया।
पाठ्यक्रम समिति के सदस्यों ने राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के सुझाव दिये। बैठक में तय हुआ कि स्कूल पाठ्यक्रम तैयार करने के लिये होने वाली बैठकों और कार्यशाला का निर्धारित कैलेण्डर तैयार किया जाये। बैठक में तय हुआ कि राज्य शिक्षा केन्द्र की लाइब्रेरी में अनुसंधान से जुड़ी पुस्तकों के संग्रह का विस्तार किया जाये। पाठ्यक्रम समिति की बैठकों में एनसीईआरटी के प्रतिनिधियों को आमंत्रित कर उनके भी सुझाव लिये जायें। बैठक में विभाग के टीचर ट्रेनिंग इन्स्टीट्यूट के प्रस्तावित भवन के संबंध में भी चर्चा हुई। बैठक में पाठ्यक्रम समिति के सदस्य डॉ. रविन्द्र कन्हारे, डॉ. अल्केश चतुर्वेदी, डॉ. भागीरथ कुमावत एवं विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
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