मखाना से ड्रोन तक, नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार की कृषि बनी आधुनिक और लाभकारी- हिमराज राम
पटना,। जद (यू0) के प्रदेश प्रवक्ता हिमराज राम ने सोशल संवाद करते हुए कहा कि बिहार का किसान यदि खुशहाल होगा, तभी बिहार समृद्ध होगा। इसी किसान-प्रथम सोच के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य सरकार वर्ष 2005 से निरंतर किसानों के हित में काम कर रही है और बीते लगभग दो दशकों में कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन लाए गए हैं। बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सरकार द्वारा लागू रोडमैप्स के माध्यम से गेहूं, धान, दाल, तिलहन, फल और सब्जी सहित सभी प्रमुख फसलों की उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। आज बिहार में धान की औसत पैदावार 50 क्विंटल प्रति हेक्टेयर से अधिक हो चुकी है, वहीं गन्ना, मक्का और मखाना के उत्पादन में भी रिकार्ड तोड़ बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि आने वाले पाँच वर्षों में किसानों की आय को दोगुना किया जाए।
‘‘सात निश्चय- भाग तीन’’ के अंतर्गत वर्ष 2025 से 2030 तक कृषि में प्रगति और प्रदेश की समृद्धि को केंद्र में रखकर कार्य किया जा रहा है। इसके तहत मखाना, डेयरी, मत्स्य पालन, बकरी पालन और मुर्गी पालन जैसे क्षेत्रों के लिए अलग-अलग रोडमैप तैयार किए गए हैं। बिहार, जो विश्व के लगभग 90 प्रतिशत मखाना का उत्पादन करता है, उसे जीआई टैग दिलाया गया है और अब मखाना प्रसंस्करण संयंत्रों की स्थापना तथा बेहतर मार्केटिंग की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके। डिजिटल सुविधाओं के विस्तार के तहत बिहार कृषि ऐप शुरू किया गया है, जिससे किसान अपने मोबाइल पर ही जमीन का रिकार्ड, डिजिटल पासबुक, योजना आवेदन की प्रक्रिया, मिट्टी जांच रिपोर्ट, मौसम पूर्वानुमान और बाजार भाव की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इससे किसानों को पारदर्शिता, सुविधा और समय की बचत का लाभ मिल रहा है।
आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए ड्रोन तकनीक को अपनाया गया है। ड्रोन के माध्यम से कीटनाशक और उर्वरक छिड़काव की योजना लागू की गई है, जिसमें सरकार सब्सिडी और प्रशिक्षण दोनों उपलब्ध करा रही है, ताकि छोटे किसान भी कम लागत और कम मेहनत में बेहतर उत्पादन कर सकें।
बिजली और सिंचाई के क्षेत्र में भी सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं। जल-जीवन-हरियाली मिशन के तहत अब तक लगभग 27 लाख हेक्टेयर भूमि तक सिंचाई की सुविधा पहुँचाई जा चुकी है और लक्ष्य है हर खेत को पानी देना। जून 2025 से कृषि विद्युत संयंत्र संबंध योजना के तहत किसानों को समर्पित कृषि फीडर से मात्र 55 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
आज पूरी दुनिया मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को क्लाइमेट लीडर और वैश्विक विचारक के रूप में पहचान रही है। वर्ष 2025 के चुनाव में बिहार की जनता ने जिस अपार विश्वास और समर्थन के साथ उन्हें जनादेश दिया, उसी के परिणामस्वरूप वे दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर एक ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित कर चुके हैं। यह उपलब्धि न केवल बिहार बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है और इससे वैश्विक मंच पर बिहार की पहचान और सशक्त हुई है।
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