केरल में प्रवासी मजदूर की हत्या, परिवार ने जांच और मुआवजे की रखी थी मांग, नेता प्रतिपक्ष ने भी CM साय को लिखा पत्र
CG News: केरल में छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के एक प्रवासी मजदूर की हत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है. हत्या के बाद मृतक की पत्नी ललिता ने पांच प्रमुख मांगों को लेकर पलक्कड़ कलेक्टर को आवेदन दिया था. वहीं इस मामले में राजनीति हलचल भी तेज हो गई है. छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर पूरे मामले में हस्तक्षेप की मांग की है.
मजदूर की हत्या, परिवार ने जांच और मुआवजे की रखी थी मांग
मजदूर की हत्या के बाद मृतक की पत्नी और परिजन न्याय की मांग को लेकर केरल के पल्लक्कड़ पहुंचे. केरल पहुंचने के बाद उन्होंने राज्य सरकार और प्रशासन के सामन तीन प्रमुख मांगे रखीं. परिजनों की मांग है कि, मॉब लीचिंग के तहत मामला दर्ज किया जाए और जांच के लिए एसआईटी (SIT) टीम गठित की जाए, पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपए मुआवजा राशि दी जाए. साथ ही परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी मांग की. वहीं मृतक के परिजनों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी कर उन्हें कड़ी सजा देने की भी बात कही थी.
प्रशासन ने मानी परिजनों की मांगें
वहीं अब प्रशासन और परिजनों के बीच मांगों पर सहमति बन गई है. त्रिसूर जिला कलेक्ट्रेट में अहम बैठक हुई. जिसमें केरल सरकार और रेवेन्यू मंत्री की उपस्थिति में पीड़ित परिवार की मांगों पर सहमति बनी.
मोब लिंचिंग धारा और SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराएं लगाने पर सहमति.
मामले की निष्पक्ष जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित की जाएगी.
मुआवजा राशि पर निर्णय केरल कैबिनेट की बैठक के बाद लिया जाएगा. मुआवजा राशि अनुमानित रूप से 10 लाख रुपये से अधिक होने की संभावना.
जिला प्रशासन में मृतक रामनारायण बघेल के शव को लाने के लिए इंतजाम किया.
नेता प्रतिपक्ष ने भी CM साय को लिखा पत्र
नेता प्रतिपक्ष ने भी CM साय को लिखा पत्र
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा कि, केरल के पलक्कड़ जिले में घटी यह हृदयविदारक एवं अमानवीय घटना में छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के निवासी, प्रवासी श्रमिक रामनारायण बघेल की केवल संदेह के आधार पर कथित रूप से मॉब लिंचिंग कर निर्मम हत्या कर दी गई.
नेता प्रतिपक्ष ने सीएम से मांग की है कि, ऐसे मामलों में शासन की संवेदनशीलता और त्वरित हस्तक्षेप न केवल पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने में मदद करेगा, बल्कि यह संदेश भी देगा कि छत्तीसगढ़ सरकार अपने प्रत्येक नागारिक की सुरक्षा और सम्मान के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
जानें पूरा मामला
बता दें कि, 17 दिसंबर को छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के रहने वाले 31 वर्षीय रामनारायण बघेल की केरल के पलक्कड़ जिले में हत्या कर दी गई थी. बांग्लादेशी समझ कर कुछ लोगों ने उनकी जमकर पिटाई कर दी, हमले में गंभीर रुप से घायल युवक की मौत हो गई थी.
ईरान युद्ध का असर: पाकिस्तान में हालात बिगड़े, Shehbaz Sharif ने आज रात से लॉकडाउन का किया ऐलान
उमा भारती ने टीकमगढ़ में पोहे-जलेबी बेचकर जताया विरोध
कांग्रेस से निष्कासन के बाद नवजोत कौर सिद्धू ने बनाई भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी
मोहन कैबिनेट की बड़ी बैठक: अहम प्रस्तावों को मंजूरी, छात्रों और किसानों के लिए राहत भरे फैसले
बारामती उपचुनाव में गरमाई विरासत की सियासत, सुनेत्रा पवार ने अजित पवार के काम आगे बढ़ाने का वादा किया
वीरेंद्र सहवाग ने अजिंक्य रहाणे पर साधा निशाना, दी हद में रहने की सलाह
बोर्ड एग्जाम में टीचर्स को मिला अजीबोगरीब मैसेज, छात्र ने कहा- “साली से शादी करा दूंगा”
लखनऊ के लिए पहला मैच खेलने को तैयार अर्जुन तेंदुलकर
नगर निगम ने पेश किया 8455 करोड़ का बजट, विकास पर फोकस
छत्तीसगढ़ के फार्म में अफ्रीकन स्वाइन फीवर का कहर, 300 सूअरों की मौत