माघ माह में भूलकर भी न करें इन चीजों का दान, वरना लग जाएगा राहु और शनि दोष
पंचांग भी अंग्रेजी कैलेंडर की तरह 12 महीनों में विभाजित होता है लेकिन इसकी गणना चैत्र मास से शुरू होती है. साल 2026 के जनवरी माह में हिंदी पंचांग के अनुसार, माघ मास शुरू हो चूका है. माघ महीने में श्रद्धालु सूर्यदेव को अर्घ्य देते हैं और मां गंगा की आराधना करते हैं. इसके साथ ही भगवान विष्णु की पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होने की मान्यता है. माघ महीने को अत्यंत पुण्यदायी माना गया है. यह समय विशेष रूप से स्नान, दान और तपस्या के लिए श्रेष्ठ माना जाता है. उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, हर दिन हर वार के साथ ही हर माह दान का अलग-अलग महत्व शास्त्रों मे बताया गया है. विशेष दिनों में विशेष चीजों का दान सफलता और सुख-समृद्धि के रास्ते खोलता है लेकिन माघ माह में कई ऐसी चीजें हैं, जिनका दान भूल से भी नहीं करना चाहिए.
कि पद्म पुराण में इसके महत्व का वर्णन करते हुए लिखा गया कि माघ मास में नदियों में स्नान करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं. भगवान हरि सभी पापों से मुक्ति प्रदान करके जातक पर कृपा बनाए रखते हैं. ऐसी मान्यता है कि माघ मास के दौरान प्रयागराज के संगम में अगर स्नान करते हैं, तो आपको अर्थ, धर्म, काम ओर मोक्ष की प्राप्ति होती है. यहां के स्नान का महत्व इस बात से लगा सकते हैं कि जो व्यक्ति यहां पर स्नान कर लेता है, उसे अकाल मृत्यु की आशंका नहीं रहती है. वह इससे मुक्त हो जाता है.
न करें लोहे का दान
धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, माघ महीने में लोहे या इससे बनी वस्तुओं का दान करना उचित नहीं माना गया है. विशेष रूप से मकर संक्रांति, माघ अमावस्या और माघी पूर्णिमा जैसे पावन दिनों पर लोहे के दान से परहेज करने की सलाह दी जाती है. मान्यता है कि इस दौरान लोहे का दान करने से शनि से जुड़े दोष सक्रिय हो सकते हैं, जिसका प्रभाव धन हानि, स्वास्थ्य समस्याओं, मानसिक तनाव और जीवन में बार-बार आने वाली अड़चनों के रूप में देखने को मिल सकता है.
नमक का दान वर्जित
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सामान्य तौर पर भी शाम के समय नमक का दान वर्जित माना गया है लेकिन माघ मास में तो इसे विशेष रूप से टालने की सलाह दी जाती है. माना जाता है कि इस अवधि में नमक का दान करने से राहु से संबंधित दोष बढ़ सकता है. इतना ही नहीं, माघ महीने में नमक का दान करने से राहु और शनि दोनों के अशुभ प्रभाव व्यक्ति के जीवन में परेशानियां बढ़ा सकते हैं. माघ महीने में चांदी का दान करना भी उचित नहीं माना जाता. इस दौरान चांदी दान करने से कुंडली में चंद्र ग्रह कमजोर हो सकता है, जिससे शुभ फल में कमी आ जाती है. मान्यता है कि इसका प्रभाव मानसिक अशांति, तनाव और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के रूप में देखने को मिल सकता है.
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