Ayodhya Ram Mandir: प्राण प्रतिष्ठा के 2 साल, 10 करोड़ श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
Ayodhya Ram Mandir: इतिहास में आज एक महत्वपूर्ण दिन है। गुरुवार, 22 जनवरी 2026 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दो साल पूरे हो गए हैं। 22 जनवरी 2024 को भव्य समारोह के साथ राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी, जिसके बाद अयोध्या विश्वभर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बन गई। पिछले दो वर्षों में 10 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने रामलला के दर्शन किए हैं। देश ही नहीं, बल्कि दुनियाभर से सनातन धर्म को मानने वाले श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे, जिनमें कई देशों के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति भी शामिल रहे।
राम मंदिर निर्माण का सफर आसान नहीं था। मंदिर निर्माण के लिए हिंदू समाज को करीब 500 वर्षों तक संघर्ष करना पड़ा। कई वर्षों तक यह मामला न्यायालय में चला और आखिरकार 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर निर्माण का आदेश दिया। इसके बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन किया गया और 5 अगस्त 2020 को भव्य भूमि पूजन संपन्न हुआ।
Ayodhya Ram Mandir के निर्माण के बाद अयोध्या की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। अब यह शहर सिर्फ धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि एक आधुनिक धार्मिक नगरी बन चुका है। यहां आधुनिक अस्पताल, हाई-क्लास एयरपोर्ट और आधुनिक रेलवे स्टेशन विकसित किए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 100 फीट चौड़ा राम जन्मभूमि पथ, सुव्यवस्थित दर्शन मार्ग, एलईडी स्क्रीन से सूचना प्रसारण, स्थायी कैनोपी, शुद्ध पेयजल और स्वच्छ शौचालय की व्यवस्था की गई है।
ईरान युद्ध का असर: पाकिस्तान में हालात बिगड़े, Shehbaz Sharif ने आज रात से लॉकडाउन का किया ऐलान
उमा भारती ने टीकमगढ़ में पोहे-जलेबी बेचकर जताया विरोध
कांग्रेस से निष्कासन के बाद नवजोत कौर सिद्धू ने बनाई भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी
मोहन कैबिनेट की बड़ी बैठक: अहम प्रस्तावों को मंजूरी, छात्रों और किसानों के लिए राहत भरे फैसले
बारामती उपचुनाव में गरमाई विरासत की सियासत, सुनेत्रा पवार ने अजित पवार के काम आगे बढ़ाने का वादा किया
वीरेंद्र सहवाग ने अजिंक्य रहाणे पर साधा निशाना, दी हद में रहने की सलाह
बोर्ड एग्जाम में टीचर्स को मिला अजीबोगरीब मैसेज, छात्र ने कहा- “साली से शादी करा दूंगा”
लखनऊ के लिए पहला मैच खेलने को तैयार अर्जुन तेंदुलकर
नगर निगम ने पेश किया 8455 करोड़ का बजट, विकास पर फोकस
छत्तीसगढ़ के फार्म में अफ्रीकन स्वाइन फीवर का कहर, 300 सूअरों की मौत