लखनऊ में पहली बार होगी राष्ट्रीय महिला तीरंदाजी प्रतियोगिता
लखनऊ |पूर्व विश्व चैंपियन और चार ओलंपिक खेलने वाली एकमात्र भारतीय दीपिका कुमारी, पेरिस पैरालंपिक गेम्स की कांस्य पदक विजेता शीतल देवी, ओलंपियन भजन कौर और अंकिता भगत। विश्वस्तर पर भारत का परचम लहराने वाली ये सभी तीरंदाज लखनऊ में पदक पर निशाना लगाने उतरेंगी।बात हो रही है शहर में पहली बार होने वाली राष्ट्रीय महिला तीरंदाजी प्रतियोगिता की, जहां देशभर से तकरीबन 350 खिलाड़ी भाग लेंगी। केडी सिंह बाबू स्टेडियम में 28 फरवरी और एक मार्च को होने वाली प्रतियोगिता सब जूनियर, जूनियर और सीनियर वर्ग में खेली जाएगी। इसमें भाग लेने वाले यूपी टीम का चयन जल्द होगा। एसोसिएशन से मिली जानकारी के अनुसार प्रतियोगिता में गाजियाबाद की साक्षी चौधरी, मथुरा की वरन्या राणा, बिजनौर की निष्ठा गुप्ता और बागपत की मधु वेदवाल का यूपी टीम में चयन होना तय है।प्रदेश में आज 50 से ज्यादा जिलों में दिखेगा कोहरा, हवाएं चलने से पारा गिरने का अलर्ट; यहां हुई सबसे ज्यादा बारिश अयोध्या के आईजी सहित 24 आईपीएस अधिकारियों के तबादले, 11 जिलों के कप्तान बदले; यूपी आर्चरी एसोसिएशन के संयुक्त सचिव योगेंद्र सिंह राणा ने बताया कि यूपी में पहले भी तीरंदाजी की राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं हो चुकी हैं, लेकिन लखनऊ पहली बार तीरंदाजी में राष्ट्रीय स्तर के आयोजन की मेजबानी कर रहा है। दीपिका, शीतल देवी और भजन कौर जैसी दिग्गज खिलाड़ियों के भाग लेने से स्तर और भी बढ़ गया है।
दो वर्ग में होंगे मुकाबले
दो दिवसीय प्रतियोगिता के दौरान रिकर्व और कंपाउंड वर्ग में मुकाबले होंगे। एक ओर जहां रिकर्व स्पर्धा (दूरी 70 मीटर) ओलंपिक में शामिल है, वहीं दूसरी ओर कंपाउंड इवेंट (दूरी 50 मीटर) को पहली बार लॉस एंजिल्स में वर्ष 2028 में होने वाले ओलंपिक खेलों में शामिल किया गया है। ऐसे में लखनऊ में होने वाली राष्ट्रीय महिला तीरंदाजी प्रतियोगिता कई मायनों में अहम हो जाएगी। बाबू स्टेडियम के पूरे मैदान को इस प्रतियोगिता के लिए उपयोग में लाया जाएगा। स्टेडियम में बनी क्रिकेट पिच के एक तरफ रिकर्व और दूसरी तरफ कंपाउंड के मुकाबले होंगे। दोनों ही स्थानों पर 15 से 20 टारगेट लगाए जाएंगे।
शहर में एक वर्ष पहले शुरू हुई आर्चरी अकादमी
एक वर्ष पहले शहर में तीरंदाजी के प्रोत्साहन के लिए 1090 चौराहे पर एलडीए आर्चरी अकादमी शुरू हुई। कुछ ही समय के बाद रेंज में खेल विभाग की ओर से अक्तूबर माह से सहायक प्रशिक्षक विकास पांडेय को तैनात किया गया। धीरे-धीरे करके यहां प्रशिक्षण ने जोर पकड़ा। आज यहां पर तकरीबन 15 से 20 खिलाड़ी ट्रेनिंग ले रहे हैं। इनकी उम्र सात से 15 वर्ष के बीच है। अभी प्रशिक्षुओं की संख्या कम है, लेकिन राष्ट्रीय महिला तीरंदाजी के आयोजन के बाद सेंटर की लोकप्रियता में इजाफा होना तय है।
- मनीष कुमार मिश्रा, एएसपी ऑपरेशन।
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