महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर 'मर्जर' (विलय) की सुगबुगाहट तेज हो गई है। शरद पवार के पोते और विधायक रोहित पवार ने एक बड़ा बयान देकर राजनीतिक हलकों में खलबली मचा दी है। रोहित पवार का दावा है कि उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के गुट का भविष्य क्या होगा, इसका खुलासा 9 तारीख के बाद खुद सुनेत्रा पवार करेंगी।

क्या है रोहित पवार का दावा?
मीडिया से बात करते हुए रोहित पवार ने संकेत दिया कि अजीत पवार खेमे के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। उन्होंने कहा, "9 तारीख का इंतजार कीजिए। सुनेत्रा ताई (सुनेत्रा पवार) उस दिन के बाद अपनी भूमिका स्पष्ट करेंगी। पार्टी के विलय और भविष्य के कदमों को लेकर चल रही चर्चाओं पर से पर्दा हट जाएगा।" रोहित के इस बयान को अजीत पवार गुट के लिए एक बड़ी चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।

अजीत पवार गुट में बेचैनी के संकेत
लोकसभा चुनावों के नतीजों के बाद से ही अजीत पवार की अगुवाई वाली एनसीपी में आंतरिक कलह और कार्यकर्ताओं की नाराजगी की खबरें आती रही हैं। रोहित पवार का यह दावा ऐसे समय में आया है जब महायुति (बीजेपी-शिवसेना-एनसीपी) के भीतर सीटों के बंटवारे और समन्वय को लेकर खींचतान की चर्चा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रोहित पवार का यह बयान महज एक राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हो सकता है।

सत्ता संघर्ष और घर वापसी: एक वरिष्ठ राजनीतिक विशेषज्ञ के अनुसार, "अजीत पवार गुट के कई विधायक शरद पवार के संपर्क में होने की खबरें लगातार आ रही हैं। रोहित पवार का सुनेत्रा पवार का नाम लेना यह दर्शाता है कि विवाद अब सीधे परिवार के भीतर तक पहुंच गया है। यदि 9 तारीख के बाद कोई बड़ा ऐलान होता है, तो यह महायुति के लिए बड़ा झटका हो सकता है।"

रणनीतिक दबाव: विशेषज्ञों का एक वर्ग यह भी मानता है कि रोहित पवार इस तरह के दावे करके अजीत पवार गुट के विधायकों के बीच संशय पैदा करना चाहते हैं ताकि विधानसभा चुनाव से पहले पाला बदलने की प्रक्रिया तेज हो सके।

फिलहाल महाराष्ट्र की राजनीति की नजरें 9 तारीख पर टिक गई हैं। क्या अजीत पवार गुट का किसी बड़ी पार्टी में विलय होगा या वे वापस शरद पवार के साथ आएंगे? रोहित पवार के इन दावों में कितनी सच्चाई है, इसका पता आने वाले कुछ दिनों में चल जाएगा।