शिक्षा विभाग में 4.37 करोड़ का घोटाला, 14 पर गिरी गाज
मैहर। मैहर जिले के रामनगर विकासखंड में सामने आए 4 करोड़ 37 लाख रुपये के लघु निर्माण घोटाले ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. जांच में बिना निर्माण कार्य कराए ही करोड़ों रुपये के भुगतान की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. इसी कड़ी में रीवा संभाग के कमिश्नर बीएस जामोद ने एक साथ 7 प्राचार्यों को निलंबित कर दिया गया है. इसके साथ ही अब तक इस घोटाले में कुल 14 अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई हो चुकी है, जबकि तीनों निर्माण फर्मों पर एफआईआर दर्ज होने की प्रक्रिया अंतिम चरण में बताई जा रही है।
एक आदेश, सात निलंबन
शनिवार को जारी आदेश में जिन प्राचार्यों को निलंबित किया गया है, उन्होंने नियमों को ताक पर रखकर बिना कार्य पूर्ण कराए लाखों रुपये का भुगतान कर दिया. निलंबित प्राचार्यों में 7 का नाम शामिल हैं. लगातार हो रही कार्रवाई से रामनगर विकासखंड के कई स्कूलों में प्रशासनिक व्यवस्था चरमरा गई है।
हाई स्कूल गोविंदपुर: 22,60,303 रुपये (प्राचार्य मथुरा प्रसाद वर्मा)
हायर सेकेंडरी गोरसरी: 24,10,448 रुपये (प्राचार्य गुलजार सिंह टेकाम)
हायर सेकेंडरी देवराजनगर: 24,10,376 रुपये (प्राचार्य राम लखन रावत)
गुलबार गुजारा: 22,79,991 रुपये (प्राचार्य शिवलाल बैस)
हायर सेकेंडरी हर्रई: 21,53,950 रुपये (प्राचार्य सियंबर सिंह)
हायर सेकेंडरी देवदहा: 24,10,367 रुपये (प्राचार्य लक्ष्मण शुक्ला)
कलेक्टर के प्रस्ताव पर हुई बड़ी कार्रवाई
मैहर कलेक्टर ने 2 फरवरी को लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल को विस्तृत जांच प्रतिवेदन भेजते हुए कार्रवाई का प्रस्ताव रखा था. उल्लेखनीय है कि 1 सितंबर 2025 को विभिन्न विद्यालयों में लघु निर्माण, पार्किंग शेड और अन्य संरचनात्मक कार्यों के लिए राशि स्वीकृत की गई थी. यह राशि विद्यालयों की एमएमडीसी को इस शर्त पर दी गई थी कि सभी शासकीय नियमों का पालन होगा लेकिन जमीनी हकीकत में काम शून्य, भुगतान पूरा रहा।
सुलखमा से शुरू हुआ निलंबन का सिलसिला
घोटाले पर कार्रवाई की शुरुआत शासकीय हाई स्कूल सुलखमा से हुई, जहां प्रभारी प्राचार्य रामलाल साकेत को निलंबित किया गया. इसके बाद सांदीपनि विद्यालय रामनगर के चपरासी विनोद पटेल, बीईओ और प्राचार्य मिरगौती संतोष कुमार सिंह, मनकहरी, छिरहाई और मझटोलवा के प्राचार्य, बड़वार, सागौनी और मड़वार के प्राचार्य पर एक के बाद एक गाज गिरती चली गई।
किस फर्म को कितनी रकम, पूरी लिस्ट उजागर
जांच में सामने आया कि अधिकतर भुगतान वाणी इंफ्रास्ट्रक्चर, भोपाल, श्री महाकाल ट्रेडर्स, सतना और श्री रुद्र इंटरप्राइजेज, मैहर को किए गए. कई विद्यालयों से 23 से 24 लाख रुपये तक की राशि एक ही पैटर्न में जारी की गई, जिससे पूर्व नियोजित घोटाले की आशंका और गहरी हो गई है।
केंद्राध्यक्ष पद से भी हटाए गए आरोपी प्राचार्य
घोटाले में लिप्त प्राचार्यों को केंद्राध्यक्ष और सहायक केंद्राध्यक्ष के दायित्व से भी हटा दिया गया है. वहीं, देवरा मोलहाई की प्रभारी प्राचार्य रजनी पुरवार को जांच के दौरान बिना सूचना अनुपस्थित पाए जाने पर जिला पंचायत सीईओ ने निलंबित कर दिया।
दिल्ली वालों के लिए जरूरी खबर! 17 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री बंद, सफर प्रभावित
क्या धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से लौटेगा छात्रों का भरोसा? शिक्षा संकट पर बड़ी बहस
अमेरिका में 'रामायण' ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर बोले- 'राहा को यह फिल्म दिखाने के लिए उत्साहित हूं'
आज इन 5 जिलों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी, इंदौर-भोपाल में भी बरसेंगे बादल
कच्चा तेल, बॉन्ड यील्ड और ग्लोबल संकेतों से बाजार पर दबाव, निवेशक क्या करें?
बिहार के स्कूलों में बदलेगा शनिवार का शेड्यूल? विधान परिषद में CM का बड़ा बयान
लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक टली, राज्यसभा में पेपर लीक पर जोरदार हंगामा
'इस्तीफे से कम कुछ मंजूर नहीं', सरकार और CJP के बीच आज निर्णायक वार्ता
नए परमाणु सहयोग समझौते से मचा बवाल, अमेरिका-सऊदी डील पर उठे सवाल