भोजपुरी के पावर स्टार पवन सिंह को कोर्ट से राहत, मिली जमानत
रोहतास| जिले के डेहरी व्यवहार न्यायालय से मंगलवार को भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह को आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के एक पुराने मामले में जमानत मिल गई। यह मामला बीते लोकसभा चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़ा है, जिसको लेकर उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया था। न्यायालय से समन मिलने के बाद पवन सिंह अदालत में पेश हुए। पेशी के बाद वह मीडिया से बचते हुए निकल गए और किसी भी तरह की प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया।
आदर्श आचार संहिता उल्लंघन का मामला
दरअसल, वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान पवन सिंह पर चुनाव प्रचार के समय बिना अनुमति जुलूस और रैली निकालने का आरोप लगा था। इस संबंध में डेहरी नगर थाना में मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें समन जारी किया था।
आरोपों से इनकार, मिली जमानत
कोर्ट में पेशी के दौरान भोजपुरी सिने स्टार पवन सिंह ने बिना अनुमति जुलूस निकालने के आरोपों से इनकार किया। उनके अधिवक्ता ने बताया कि मामला अब गवाही के चरण में प्रवेश कर चुका है और अभियोजन पक्ष द्वारा साक्ष्य प्रस्तुत किए जाएंगे। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि न्यायालय ने पवन सिंह को जमानत प्रदान कर दी है, जिसमें दोनों जमानतकर्ता रोहतास जिले के ही निवासी हैं।
कई मुकदमे दर्ज
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते लोकसभा चुनाव के दौरान पवन सिंह के खिलाफ कुल पांच मुकदमे दर्ज किए गए थे, जो जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में दर्ज हैं। इनमें से संझौली थाना कांड संख्या 70/2024 में उन्हें बरी कर दिया गया है, जबकि शेष चार मुकदमे अभी न्यायालय में विचाराधीन हैं।
बंद कोयला खदानों के पानी का होगा सदुपयोग, झारखंड में शुरू होगी ‘कोल नीर’ पहल
मेट्रो स्टेशन बंद होने पर भड़के CJI, बोले- लंच तक समाधान नहीं तो करेंगे दखल
सियासी घमासान के बीच हिंसा, BJP-कांग्रेस कार्यकर्ताओं की झड़प में 16 पुलिसकर्मी घायल
दुनिया के व्यापारिक रास्तों पर संकट! बाब-अल-मंदेब की नाकेबंदी का डर
सालीवाड़ा में मामूली विवाद बना खूनी संघर्ष, एक युवक की मौत से सनसनी
'जन नायकन' लीक पर अलग-अलग राय, कोई बोला 150 करोड़ का नुकसान तो किसी ने कहा 'जीरो इम्पैक्ट'
शिकायतों का अंबार, फिर भी कार्रवाई नहीं; नगर निगम की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
ट्रंप के टैरिफ फैसले से कनाडा को झटका, भारत को मिल सकता है बड़ा फायदा
CJP का बड़ा बयान: जंतर-मंतर हिंसा में पुलिस को गंभीर चोटें नहीं आईं
क्या नहीं होगा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा? सरकार के रुख ने बढ़ाई चर्चा