कांग्रेस का आरोप: फॉर्म‑7 के ज़रिये अल्पसंख्यक मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं
रायपुर| में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दूसरे चरण की प्रक्रिया चल रही है. इसी बीच गरियाबंद जिले के छुरा, फिंगेश्वर और देवभोग क्षेत्रों में मतदाता सूची से नाम काटे जाने के आरोपों ने सियासी हलचल तेज कर दी है. दरअसल, यहां अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने आरोप लगाया है कि फॉर्म 7 का दुरुपयोग कर उनके नाम मतदाता सूची से हटाने की कोशिश की जा रही है.
फॉर्म 7 के जरिए अल्पसंख्यक वोटर्स के नाम काटने का आरोप
तहसील कार्यालय से नोटिस मिलने के बाद कई परिवारों में चिंता का माहौल है. प्रभावित लोगों का कहना है कि वे वर्षों से संबंधित वार्डों में रह रहे हैं और उनके पास आधार कार्ड, राशन कार्ड, बिजली बिल जैसे सभी वैध दस्तावेज मौजूद हैं, फिर भी उन्हें अनुपस्थित या स्थानांतरित दिखाया जा रहा है.
कांग्रेस ने BJP पर साधा निशाना
वहीं अब इस मामले में सियासत भी शुरू कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुखचंद बेसरा के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने तहसील कार्यालय और थाना पहुंचकर ज्ञापन सौंपा. कांग्रेस का आरोप है कि यह महज प्रशासनिक त्रुटि नहीं, बल्कि सुनियोजित राजनीतिक प्रयास है. जिला अध्यक्ष ने कहा कि यदि बिना निष्पक्ष जांच के नाम विलोपित किए गए तो कांग्रेस व्यापक आंदोलन करेगी.
तीन ब्लॉकों तक फैला मामला
आरोप है कि विवाद केवल छुरा तक सीमित नहीं है, बल्कि फिंगेश्वर और देवभोग जैसे क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में नामों पर आपत्ति दर्ज की गई है. स्थानीय लोगों के मुताबिक करीब 300 से अधिक मतदाताओं के नामों को लेकर सवाल खड़े हुए हैं. लोगों का कहना है कि यदि किसी मतदाता के नाम पर आपत्ति है तो उसकी जमीनी जांच होनी चाहिए, न कि एकतरफा कार्रवाई.
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