तलाक के बाद फिर एक हुए पति-पत्नी, हाई कोर्ट में याचिका खारिज
बिलासपुर। बिलासपुर हाई कोर्ट में एक अनोखा मामला सामने आया, जहां तलाक के बाद पति-पत्नी ने फिर से साथ रहने की याचिका दायर की। आमतौर पर तलाक के फैसले को चुनौती देने के लिए ही याचिका दायर की जाती है, लेकिन इस मामले में दोनों ने फैमिली कोर्ट द्वारा पारित तलाक की डिक्री को रद्द कराने का प्रयास किया।
फैमिली कोर्ट ने आपसी सहमति से तलाक की डिक्री पारित की थी। इसके बाद, दोनों के बीच रिश्तों में नरमी और आपसी समझदारी आई। पति-पत्नी ने शादी की सालगिरह मनाई, साथ घूमने-फिरने गए और अपनी जिंदगी को दोबारा साथ बिताने की इच्छा जाहिर की। इस आधार पर पत्नी ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें फैमिली कोर्ट द्वारा पारित तलाक की डिक्री को रद्द करने की मांग की गई।
हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच—जस्टिस रजनी दुबे और जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद—ने याचिका खारिज कर दी। बेंच ने स्पष्ट किया कि तलाक पति-पत्नी की आपसी सहमति से हुआ था और इसे कानूनी रूप से रद्द नहीं किया जा सकता। बेंच ने यह भी कहा कि कानून भावनाओं से नहीं, बल्कि तथ्यों और प्रक्रियाओं के आधार पर चलता है।
तलाक के दो महीने बाद 11 मार्च से 15 मार्च 2025 तक पति-पत्नी ने मथुरा यात्रा की। उन्होंने साथ बिताए पलों की तस्वीरें, ट्रेन टिकट और सालगिरह मनाने की झलकें हाई कोर्ट में प्रस्तुत की। बावजूद इसके, कानूनी प्रक्रिया के अनुसार फैमिली कोर्ट की डिक्री को बदला नहीं जा सकता।
शिवसेना विवाद: उद्धव गुट की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट तैयार, बागी सांसदों और लोकसभा सचिवालय को नोटिस
अजित पवार को याद कर भावुक हुईं सुप्रिया सुले, बोलीं- 'ऐसा लगता है जैसे आप...'
क्वाड बैठक में जयशंकर का बड़ा बयान, स्वतंत्र और समावेशी हिंद-प्रशांत पर दिया जोर
यमुनानगर में महिला से दुष्कर्म का आरोप, बाइक पर बैठाकर सुनसान खेतों में ले गया आरोपी
सावधान! मध्य प्रदेश में 'चड्डी-बनियान गैंग' की दस्तक, पुलिस ने जारी की चेतावनी
पेपर लीक को लेकर राहुल गांधी का बड़ा आरोप, बोले- 10 साल में 152 मामले, लेकिन कार्रवाई नहीं
भोजशाला मामले में नया मोड़, नमाज स्थल को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा विवाद
HTET रिजल्ट तैयार, गलत सवालों पर मिलेंगे ग्रेस मार्क्स; जल्द होगा ऐलान
अवैध निर्माण पर सख्ती, निगम ने 50+ बिल्डिंग नक्शे जांच के दायरे में लिए