CG Budget Session: अजय चंद्राकर ने अपनी ही सरकार से पूछे सवाल, गिग वर्करों के लिए उठाया श्रम कानून का मुद्दा, मंत्री ने दिया जवाब
CG Budget Session: छत्तीसगढ़ विधानसभा में कार्यरत गिग वर्करों की स्थिति और उनके अधिकारों को लेकर भाजपा नेता अजय चंद्राकर ने अपनी सरकार से कई सवाल पूछे हैं. अजय चंद्राकर ने प्रश्नकाल के दौरान सरकार से पूछा कि स्विगी, जोमैटो, ब्लिंकिट और रैपिडो जैसी कंपनियों में काम कर रहे गिग वर्करों को संगठित मजदूरों की श्रेणी में रखा जाएगा या असंगठित में. इस मुद्दे को लेकर विधानसभा में काफी देर तक चर्चा होती रही. अजय इससे पहले भी आउटसोर्सिंग कंपनियों को लेकर सवाल उठा चुके हैं.
आज भी वहीं स्थिति बनी हुई है-अजय चंद्राकर
उस समय अजय चंद्राकर के सवाल पर सरकार ने जवाब देते हुए कहा था कि इस संबंध में अभी कोई भी स्पष्ट कानून नहीं है. अजय चंद्राकर ने आरोप लगाते हुए कहा है कि आज भी वही स्थिति बनी हुई है और कंपनियां ऐश कर रही हैं. इतना ही नहीं अजय ने 10 मिनट की डिलीवरी जैसे मॉडल पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई बार ऐसा होता है कि तेज डिलीवरी के दवाब में गिग वर्कर हादसे का शिकार हो जाते हैं. मानवाधिकार संगठनों द्वारा भी इस मुद्दे पर लागातार चिताएं जताई जा रही है.
जल्द से जल्द इस पर अधिनियम बनना चाहिए-अजय चंद्राकर
अजय चंद्राकर ने कहा, ‘कितनी कंपनियां छत्तीसगढ़ में काम कर रही हैं किसी को नहीं मालूम. कितने युवा इसमें काम कर रहें है नहीं मालूम. इसलिए ऐसे वर्करों को शोषण से सुरक्षा के लिए कोई कानून या नियम बनाएंगे क्या? उन्होंने आगे कहा है कि राज्य विचार करें और जल्द से जल्द इस पर अधिनियम बनना चाहिए.
उद्योग मंत्री ने दिया जवाब
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने सदन में इसका जवाब देते हुए कहा कि फिलहाल गिग वर्करों को न तो संगठित क्षेत्र में रखा गया है और न ही असंगठित क्षेत्र में. उन्होंने बताया कि सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के अंतर्गत गिग वर्करों को शामिल किया गया है और जैसे ही भारत सरकार इस संबंध में नियम अधिसूचित करेगी, राज्य सरकार उसका अनुसरण करेगी.
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