चंडीगढ़। दाखा के पूर्व विधायक एचएस फुलका आज भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ ने उन्हें पार्टी में शामिल करवाया।  

2014 में सांसद का चुनाव हारे थे 

फुलका ने 2014 में लुधियाना लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था लेकिन कांग्रेस के रवनीत सिंह बिट्टू से 19,709 वोटों से हार गए थे। 2017 में पंजाब विधानसभा चुनाव में, उन्होंने दाखा निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की और अकाली नेता मनप्रीत सिंह अयाली को हराया था। जनवरी 2019 में उन्होंने औपचारिक रूप से आप छोड़ दी थी।

सिख दंगा पीड़ितों के लिए लगातार लड़ी लड़ाई

दिल्ली हाई कोर्ट के वरिष्ठ वकील फुलका एक मानवाधिकार कार्यकर्ता, लेखक और राजनेता भी हैं। वे 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए अपनी लगातार लड़ाई के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने उन सबसे लंबी और मुश्किल कानूनी लड़ाइयों में से एक का नेतृत्व किया। उनके इन प्रयासों के लिए, उन्हें 2019 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया। दंगों के बाद, फुलका ने 1985 में 'सिटिजन्स जस्टिस कमेटी' बनाने में मदद की। इस कमेटी ने कानूनी विशेषज्ञों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को एकजुट किया था ताकि वे न्यायिक आयोगों के सामने पीड़ितों का पक्ष रख सकें। 2001 में उन्होंने एक वेबसाइट शुरू की ताकि दंगों से जुड़े दस्तावेज और जांच के नतीजे आम लोगों तक पहुंच सकें।

सीएम मान ने दी शुभकामनाएं

एडवोकेट एचएस फुलका के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन्हें मेरी शुभकामनाएं। तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो नेता अपनी राजनीतिक आस्था बदलते हैं जनता उन्हें दोबारा नहीं जितवाती। फिलहाल तो मैं सिर्फ फुलका साहब को शुभकामनाएं ही दे सकता हूं।