बांग्लादेश ने भारत संग बढ़ाए कदम, वीजा सेवाएं फिर शुरू
नई दिल्ली: भारत और बांग्लादेश के बीच पिछले कुछ समय से छाई कूटनीतिक धुंध अब छंटने लगी है। दोनों देशों ने आपसी विश्वास बहाली की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए पूर्णकालिक वीजा सेवाएं फिर से बहाल करने का निर्णय लिया है। ढाका द्वारा भारतीय नागरिकों के लिए सभी श्रेणियों में वीजा सेवा शुरू करना, द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
कूटनीतिक सक्रियता और वीज़ा बहाली का मार्ग
बांग्लादेश में हुए राजनीतिक बदलाव और सुरक्षा चिंताओं के कारण दिसंबर 2025 में वीजा सेवाएं अस्थायी रूप से बाधित हो गई थीं। हालांकि, प्रधानमंत्री तारिक रहमान के नेतृत्व वाली नई सरकार के सत्ता संभालने के बाद से संबंधों को सुधारने की कोशिशें तेज हुई हैं। बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉ. खलीलुर रहमान ने अप्रैल 2026 में भारत का दौरा किया और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात कर वीजा उदारीकरण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। इसके बाद, नई दिल्ली, कोलकाता, अगरतला, मुंबई और चेन्नई स्थित बांग्लादेश के सभी वीजा केंद्र अब पूरी तरह सक्रिय हो चुके हैं।
आर्थिक और पर्यटन क्षेत्र में नई उम्मीदें
वीजा सेवाओं के बंद होने से दोनों देशों के बीच पर्यटन और व्यापार पर गहरा असर पड़ा था। आंकड़ों के अनुसार, बांग्लादेश से भारत आने वाले पर्यटकों की संख्या, जो 2023 में लगभग 21.2 लाख थी, वह 2025 के तनावपूर्ण दौर में घटकर मात्र 4.7 लाख रह गई थी। अब वीजा सेवाओं की बहाली से न केवल पर्यटन क्षेत्र को ऑक्सीजन मिलेगी, बल्कि चिकित्सा उपचार (Medical Tourism) और सीमा पार व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
भविष्य की रणनीति और सुरक्षा मानक
भारत ने भी सकारात्मक रुख दिखाते हुए बांग्लादेशी नागरिकों के लिए चरणबद्ध तरीके से वीजा प्रक्रिया सामान्य करने के संकेत दिए हैं। विदेश सचिव विक्रम मिसरी की हालिया ढाका यात्रा और भारत द्वारा बांग्लादेश को भेजी गई डीजल की खेप (ऊर्जा संकट के दौरान मदद) ने यह स्पष्ट कर दिया है कि दोनों देश अब केवल कूटनीतिक औपचारिकता तक सीमित न रहकर ठोस सहयोग की ओर बढ़ रहे हैं। हालांकि, सुरक्षा कारणों से भारत अभी चिकित्सा और आपातकालीन वीजा को प्राथमिकता दे रहा है, लेकिन आने वाले हफ्तों में इसके पूर्ण रूप से सामान्य होने की संभावना है।
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