होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी हमले का दावा, 5 ईरानी नागरिकों की मौत
दुबई/तेहरान: मध्य पूर्व के समुद्री गलियारों में बारूद की गंध एक बार फिर गहरी हो गई है। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक जलमार्गों में से एक, 'स्ट्रेट ऑफ होरमुज' (होरमुज जलडमरूमध्य) में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव ने भीषण रूप ले लिया है। इस बार विवाद एक ताजा सैन्य कार्रवाई को लेकर है, जिसमें ईरानी मीडिया ने निर्दोष नागरिकों की मौत का दावा किया है। फरवरी में शुरू हुए हमलों और अप्रैल में हुई अस्थायी शांति की कोशिशों के बाद, अब यह इलाका फिर से एक बड़े युद्ध की दहलीज पर खड़ा नजर आ रहा है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
ईरान का नागरिकों की मौत का दावा और सैन्य खंडन
ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसियों ने एक सैन्य सूत्र के हवाले से सनसनीखेज दावा किया है कि अमेरिकी सेना की हालिया कार्रवाई में पांच आम नागरिकों ने अपनी जान गंवाई है। ईरानी पक्ष के अनुसार, ओमान के खासाब तट से ईरान की ओर लौट रही दो छोटी मालवाहक नावों पर अमेरिकी बलों ने हमला किया। ईरान ने स्पष्ट किया कि इन नावों में केवल घरेलू सामान और आम लोग सवार थे, न कि कोई सैन्य दस्ता। तेहरान ने उन अमेरिकी दावों को भी सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की छह लड़ाकू स्पीडबोट को निशाना बनाया गया है। ईरान का मानना है कि अमेरिकी नौसेना ईरानी नौकाओं की गति से खौफ में है और डर के कारण जल्दबाजी में निर्दोषों पर गोलियां चला रही है।
अमेरिकी डिफेंस का पक्ष: समुद्री यातायात की सुरक्षा
वहीं दूसरी ओर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस घटना को एक वैध सैन्य ऑपरेशन करार दिया है। अमेरिका का तर्क है कि उनके हेलीकॉप्टरों ने उन संदिग्ध नावों को निशाना बनाया जो अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही थीं। वॉशिंगटन का दावा है कि ये छोटी नावें समुद्री यातायात को बाधित करने और जहाजों को डराने का प्रयास कर रही थीं, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई करना अनिवार्य हो गया था। अमेरिका इस इलाके में 13 अप्रैल से ही कड़ी समुद्री नाकेबंदी लागू कर चुका है, जिसका उद्देश्य ईरानी गतिविधियों पर अंकुश लगाना है। अमेरिका का कहना है कि वे किसी भी कीमत पर वैश्विक व्यापारिक मार्ग को बंद नहीं होने देंगे।
होरमुज की नाकेबंदी और टूटता संघर्षविराम
स्ट्रेट ऑफ होरमुज इस समय वैश्विक भू-राजनीति का सबसे अशांत केंद्र बना हुआ है। फरवरी के अंत में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच शुरू हुई सीधी जंग के बाद से ही यहां शांति की हर कोशिश विफल रही है। हालांकि, अप्रैल में पाकिस्तान ने मध्यस्थता कर एक अस्थायी युद्धविराम कराया था और डोनाल्ड ट्रंप ने भी इसे आगे बढ़ाने की बात कही थी, लेकिन धरातल पर कूटनीतिक बातचीत किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुंच सकी। ईरान द्वारा इस सामरिक मार्ग को बंद करने की धमकियों ने वैश्विक तेल बाजार में हलचल मचा दी है। वर्तमान नाकेबंदी और ताजा गोलीबारी की घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि क्षेत्र में छोटी सी चिंगारी भी किसी बड़ी त्रासदी या पूर्ण युद्ध का रूप ले सकती है।
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