राजधानी पटना में दर्दनाक घटना, मदद के बजाय तमाशबीन बने लोग
पटना: राजधानी के दीघा स्थित पाटीपुल घाट पर रविवार को एक हृदयविदारक घटना घटी, जहाँ लापरवाही और मानवीय संवेदनहीनता का एक डरावना चेहरा सामने आया। शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त एक बुजुर्ग दंपत्ति की स्कॉर्पियो कार देखते ही देखते गंगा नदी की लहरों में समा गई। दुःखद बात यह रही कि मौके पर मौजूद सैकड़ों लोग मदद करने के बजाय इस पूरी घटना का वीडियो बनाने में व्यस्त रहे।
पूजा सामग्री विसर्जित करने आए थे बुजुर्ग दंपत्ति
मूल रूप से बेगूसराय के रहने वाले और वर्तमान में पटना के शिवपुरी निवासी सेवानिवृत्त अधिकारी राम नरेश सिंह अपनी पत्नी के साथ घाट पर आए थे। उनके घर में आयोजित एक धार्मिक अनुष्ठान के बाद वे पूजा सामग्री को गंगा में विसर्जित करने पहुँचे थे। राम नरेश सिंह के अनुसार, वे अपनी स्कॉर्पियो खड़ी कर नीचे उतरे ही थे कि तभी यह अनहोनी हो गई।
एक छोटी सी चूक और गहरे पानी में समा गई कार
घटना का मुख्य कारण एक छोटी सी तकनीकी लापरवाही रही। ढलान पर गाड़ी खड़ी करने के दौरान राम नरेश सिंह हैंड-ब्रेक लगाना भूल गए। जैसे ही वे दोनों कार से बाहर निकले, ढलान की वजह से गाड़ी धीरे-धीरे पीछे की ओर लुढ़कने लगी। बुजुर्ग ने अकेले ही गाड़ी को रोकने का भरसक प्रयास किया और लोगों से सहायता मांगी, लेकिन ढलान और वजन के कारण कार उनके नियंत्रण से बाहर होकर सीधे गंगा नदी के गहरे पानी में जा गिरी।
मानवीय संवेदनहीनता: मदद के बजाय वीडियो पर जोर
इस घटना ने समाज की गिरती संवेदनाओं पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। राम नरेश सिंह ने नम आंखों से बताया कि वे चीख-चीखकर लोगों को मदद के लिए पुकारते रहे, लेकिन वहाँ मौजूद भीड़ तमाशबीन बनी रही। लोग अपने मोबाइल फोन निकालकर डूबती कार का वीडियो रिकॉर्ड करते रहे, पर किसी ने भी गाड़ी को रोकने में उनका साथ नहीं दिया। उनका कहना है कि यदि दो-चार लोग हाथ बढ़ा देते, तो शायद उनकी जमा पूंजी बच सकती थी।
पुलिस की कार्रवाई और सर्च ऑपरेशन
हादसे की जानकारी मिलते ही दीघा थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुँची, लेकिन तब तक गाड़ी पूरी तरह जलमग्न हो चुकी थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गंगा का बहाव और गहराई अधिक होने के कारण कार को बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। पुलिस ने बताया कि पीड़ित परिवार सुरक्षित है, परंतु करीब 10 साल पुरानी उनकी गाड़ी को अभी तक बरामद नहीं किया जा सका है। गोताखोरों की मदद से गाड़ी की तलाश जारी है।
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