जेल से भागे कैदी, पुलिस ने दो को पकड़ा, डीआईजी मौके पर पहुंचे
पटियाला: पंजाब की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली सेंट्रल जेल पटियाला की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए मादक पदार्थों की तस्करी के तीन आरोपियों के फरार होने का एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना ने कारागार प्रशासन की मुस्तैदी और अति-सुरक्षित घेरे के दावों की कलई खोलकर रख दी है। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय पुलिस की त्वरित मुस्तैदी के चलते भागने वाले तीन बंदियों में से दो को दोबारा दबोच लिया गया है, लेकिन इस दुस्साहसिक फरारी ने राज्य के जेल सुरक्षा तंत्र को हिलाकर रख दिया है और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है।
अति-सुरक्षित कारागार की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न
पटियाला सेंट्रल जेल को राज्य की सबसे अभेद्य और आधुनिक सुरक्षा वाली जेलों में गिना जाता है, जहाँ से कैदियों का इस प्रकार भाग निकलना बेहद चौंकाने वाला है। इस घटना के उजागर होते ही जेल के भीतर और बाहर की सुरक्षा प्रणालियों पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं कि कैसे भारी पहरे और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी के बावजूद बंदी दीवार लांघने या सुरक्षा घेरा तोड़ने में कामयाब रहे। इस बड़ी चूक के बाद कारागार के भीतर तैनात संतरियों और प्रहरियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है, जिसकी उच्च स्तरीय पड़ताल शुरू कर दी गई है।
मादक पदार्थ तस्करी के आरोपी और अमृतसर कनेक्शन
जेल रिकॉर्ड से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार फरार होने वाले तीनों ही बंदी ड्रग्स तस्करी के गंभीर मामलों में विचाराधीन थे और काफी समय से इस जेल में बंद थे। इन तीनों आरोपियों का सीधा संबंध अमृतसर क्षेत्र से बताया जा रहा है, जिससे पुलिस को यह भी अंदेशा है कि इस फरारी के पीछे किसी बाहरी गिरोह या नेटवर्क का हाथ हो सकता है। मादक पदार्थ जैसे संवेदनशील मामलों के आरोपियों का इस तरह भागना पुलिस के लिए दोहरी चुनौती बन गया था, क्योंकि ऐसे अपराधियों का समाज में खुला घूमना कानून व्यवस्था के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकता है।
डीआईजी की आमद और पुलिसिया दबिश से दो गिरफ्तार
जैसे ही जेल प्रशासन को इस त्रिकोणीय फरारी की भनक लगी, वैसे ही पूरे महकमे में खलबली मच गई और जेल विभाग के उप महानिरीक्षक (डीआईजी) तुरंत हालात का जायजा लेने और तकनीकी खामियों को समझने के लिए मौके पर पहुंचे। इसके समानांतर पटियाला जिला पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पूरे जिले की सीमाएं सील कर दीं और संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी। पुलिस की इस सघन घेराबंदी का ही परिणाम रहा कि कुछ ही घंटों के भीतर दो फरार कैदियों को दोबारा ढूंढकर हिरासत में ले लिया गया, जिससे प्रशासन ने आंशिक राहत की सांस ली।
तीसरे कैदी की तलाश और पूरे नेटवर्क की पड़ताल
दो आरोपियों के पकड़े जाने के बाद भी पुलिस और खुफिया तंत्र का अभियान थमा नहीं है और तीसरे फरार बंदी की तलाश में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस अधिकारी गिरफ्तार किए गए दोनों बंदियों से कड़ाई से पूछताछ कर रहे हैं ताकि यह जाना जा सके कि इस साजिश में जेल के भीतर का कोई कर्मचारी शामिल था या नहीं। इसके साथ ही अमृतसर और उसके आस-पास के जिलों की पुलिस को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि भागे हुए तीसरे अपराधी को किसी भी सुरक्षित ठिकाने पर पहुंचने से पहले ही दबोचा जा सके।
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