ममता की पार्टी की मुश्किलें बढ़ीं, सब्यसाची दत्ता की गिरफ्तारी से सियासी हलचल
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का सिलसिला तेज हो गया है। राज्य की राजनीतिक हलचल के बीच अब टीएमसी के वरिष्ठ और प्रभावशाली नेता सब्यसाची दत्ता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बिधाननगर उत्तर थाने की पुलिस ने देर रात राजारहाट स्थित उनके फ्लैट से यह कार्रवाई की। पुलिस ने पहले उनके फ्लैट पर जाकर उनसे पूछताछ की और फिर उन्हें हिरासत में ले लिया।
करोड़ों रुपये की जबरन वसूली का आरोप
सब्यसाची दत्ता की इस गिरफ्तारी के पीछे करोड़ों रुपये की रंगदारी और जबरन वसूली का मामला है। सॉल्ट लेक के एक स्थानीय व्यवसायी ने उन पर गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है कि टीएमसी नेता ने उनसे लगभग 1 करोड़ 5 लाख रुपये की जबरन वसूली की। शिकायतकर्ता ने अपनी बात को साबित करने के लिए पुलिस को सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और अन्य पुख्ता सबूत भी सौंपे हैं। पुलिस ने इन सबूतों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है।
टीएमसी नेता ने दी सफाई, बताया राजनीतिक साजिश
अपनी गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए 59 वर्षीय सब्यसाची दत्ता ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ यह पूरी कार्रवाई एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश का हिस्सा है और उन्हें जानबूझकर फंसाया जा रहा है।
बीजेपी से टीएमसी और अब तक का सियासी सफर
सब्यसाची दत्ता पश्चिम बंगाल की राजनीति का एक बड़ा चेहरा हैं और बिधाननगर के साथ-साथ न्यू टाउन इलाके में उनका खासा दबदबा माना जाता है। वह राजारहाट न्यू टाउन सीट से 2011 से 2021 तक दो बार विधायक रह चुके हैं और 2015 में बिधाननगर म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन के पहले मेयर बने थे। उनका राजनीतिक सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है; साल 2019 में उन्होंने टीएमसी छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया था, जहां उन्हें प्रदेश सचिव की जिम्मेदारी भी मिली थी। हालांकि, 2021 में वह वापस टीएमसी में लौट आए। हालिया 2026 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने बारासत सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। वर्तमान में वह बिधाननगर नगर निगम के वॉर्ड नंबर 31 से पार्षद के रूप में कार्यरत हैं।
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