डोमा प्रोजेक्ट के विज्ञापन पड़े भारी, गोदरेज प्रॉपर्टीज पर कार्रवाई
रायपुर: छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) ने नियमों की अनदेखी करने पर देश की दिग्गज रियल एस्टेट कंपनी गोदरेज प्रॉपर्टीज के खिलाफ बेहद सख्त कार्रवाई की है। रेरा ने राजधानी रायपुर के डोमा क्षेत्र में कंपनी के एक प्रस्तावित आवासीय प्लॉटिंग प्रोजेक्ट का बिना रजिस्ट्रेशन प्रचार-प्रसार करने के मामले में 10 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना ठोका है। रेरा की जांच में यह बात सामने आई है कि संबंधित प्रोजेक्ट का अभी तक रेरा में वैध पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) पूरा नहीं हुआ था, इसके बावजूद सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल माध्यमों से प्लॉटों के लुभावने विज्ञापन धड़ल्ले से चलाए जा रहे थे, जो कि रियल एस्टेट नियमों का सीधा उल्लंघन है।
अवैध विज्ञापन पर रेरा ने लिया कड़ा एक्शन
जानकारी के अनुसार, कंपनी ने रायपुर के डोमा इलाके में एक भव्य रिहायशी प्लॉटिंग प्रोजेक्ट विकसित करने की रूपरेखा तैयार की थी। नियमानुसार, किसी भी प्रोजेक्ट का विज्ञापन या बुकिंग शुरू करने से पहले रेरा से मंजूरी और रजिस्ट्रेशन नंबर लेना अनिवार्य होता है। इसके विपरीत, कंपनी द्वारा बिना रजिस्ट्रेशन नंबर के ही विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्लॉटों के साइज और उनकी संभावित कीमतें बताकर प्रचार किया जा रहा था। विज्ञापनों में इस प्रोजेक्ट को एक बड़े आवासीय हब के रूप में पेश किया गया था। इस मामले की औपचारिक शिकायत मिलने के बाद रेरा प्रशासन तुरंत हरकत में आया और ऑनलाइन विज्ञापनों को साक्ष्य मानकर कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
कंपनी ने दी सफाई, लेकिन रेरा ने दावों को किया खारिज
रेरा की कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान कंपनी के प्रतिनिधियों ने अपना पक्ष रखते हुए सफाई दी। कंपनी की ओर से दलील दी गई कि:
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डोमा क्षेत्र में संबंधित प्रोजेक्ट की जमीन पर उनका पूरा कानूनी और वैध मालिकाना हक है।
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कंपनी ने अब तक किसी भी ग्राहक से प्लॉट की कोई वास्तविक बिक्री या एडवांस बुकिंग (पैसे का लेन-देन) नहीं की है।
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कुछ विज्ञापन उनके नाम का गलत इस्तेमाल कर बाहरी लोगों द्वारा प्रसारित किए जा रहे थे।
हालांकि, रेरा ने कंपनी की इन दलीलों को पूरी तरह से खारिज कर दिया। रेरा ने अपने कड़े आदेश में स्पष्ट किया कि रियल एस्टेट अधिनियम के प्रावधानों के तहत, बिना पंजीयन के किसी भी प्रोजेक्ट का केवल प्रचार करना भी पूरी तरह से गैर-कानूनी है, चाहे मौके पर प्लॉट बेचे गए हों या नहीं।
45 दिनों के भीतर सरकारी खजाने में जमा करनी होगी जुर्माना राशि
रेरा ने नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर गोदरेज प्रॉपर्टीज को आदेश जारी किया है कि उसे 45 दिनों के भीतर जुर्माने की 10 लाख रुपये की राशि अनिवार्य रूप से सरकारी खजाने में जमा करानी होगी। यदि तय समय सीमा के भीतर यह राशि जमा नहीं की जाती है, तो नियमानुसार कंपनी के खिलाफ आगे की दंडात्मक और कुर्की जैसी कार्रवाई की जा सकती है। इसके साथ ही, रेरा ने साफ कर दिया है कि जब तक इस प्रोजेक्ट को आवश्यक रेरा रजिस्ट्रेशन नंबर प्राप्त नहीं हो जाता, तब तक इस जमीन की खरीद-बिक्री, टोकन बुकिंग और किसी भी प्रकार की प्रचार गतिविधियों पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा।
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