पटना। बिहार के अलग-अलग हिस्सों में मानसून के आगमन से पहले की मौसमी गतिविधियां काफी तेज हो गई हैं। मौसम विज्ञान केंद्र पटना द्वारा जारी किए गए ताजा बुलेटिन के मुताबिक, प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बादलों की गड़गड़ाहट, आकाशीय बिजली गिरने की आशंका के साथ ही तेज बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने के आसार बने हुए हैं। इस मौसमी बदलाव के बीच भी गुरुवार को सूबे में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान सारण जिले में 36.6 डिग्री सेल्सियस मापा गया, जो पूरे बिहार में सबसे अधिक रहा। मौसम विभाग ने स्थिति को देखते हुए पटना, गया, नालंदा, नवादा, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, भागलपुर, पूर्णिया, कटिहार, बांका और जमुई सहित कई इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि सारण समेत पश्चिमी जिलों को येलो अलर्ट पर रखा गया है।

तापमान में गिरावट के बाद भी उमस का असर

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, सारण भले ही राज्य का सबसे गर्म जिला रिकॉर्ड किया गया हो, लेकिन बीते 24 घंटों के मुकाबले वहां के पारे में 3.7 डिग्री सेल्सियस की कमी भी देखी गई है। इसके अलावा कैमूर में 36.0 डिग्री, देहरी में 35.0 डिग्री, गया में 34.4 डिग्री, शेखपुरा में 34.6 डिग्री और औरंगाबाद में 33.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। हालांकि, बारिश होने के बावजूद दक्षिण-पश्चिम बिहार और सारण प्रमंडल के क्षेत्रों में लोगों को उमस भरी गर्मी से पूरी तरह राहत नहीं मिली है। हीट इंडेक्स के विश्लेषण से पता चला है कि सारण का हीट इंडेक्स 39.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जिसका सीधा मतलब है कि वातावरण में अत्यधिक नमी होने के कारण लोगों को वास्तविक तापमान से कहीं ज्यादा तपिश महसूस हो रही थी।

अंधड़ और बारिश को लेकर विभिन्न जिलों में चेतावनी

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, सूबे के कई हिस्सों में पिछले एक दिन के दौरान हुई वर्षा और आगामी 24 घंटों में आंधी-पानी की संभावना के चलते अधिकांश क्षेत्रों के पारे में 3 से 9 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। राजधानी पटना में तापमान गिरकर 29.6 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जो सामान्य से 8.9 डिग्री कम है। इसके साथ ही मुजफ्फरपुर में 28 डिग्री, दरभंगा में 28.6 डिग्री, मधुबनी में 28.3 डिग्री, सुपौल में 28.6 डिग्री और किशनगंज में 28.8 डिग्री सेल्सियस तापमान मापा गया। मौसम केंद्र ने गया, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, जमुई, मुंगेर, लखीसराय, भागलपुर, बांका, वैशाली, बेगूसराय, खगड़िया, अररिया और पूर्णिया जैसे जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि इन जगहों पर मेघगर्जन के साथ तेज हवाएं और वज्रपात की प्रबल आशंका है।

येलो अलर्ट वाले क्षेत्रों के लिए विशेष गाइडलाइन

दूसरी तरफ सारण, सीवान, गोपालगंज, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर और औरंगाबाद के लिए येलो अलर्ट प्रभावी किया गया है। इन जिलों में भी आकाशीय बिजली चमकने और तेज अंधड़ के साथ बौछारें पड़ने की बात कही गई है। मौसम विभाग ने बिगड़ते मौसम को ध्यान में रखकर आम जनता के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसमें खराब मौसम के वक्त किसी भी खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों या बिजली के टावरों के नीचे शरण न लेने को कहा गया है। विशेषकर ग्रामीण इलाकों के किसानों को कृषि कार्य करते समय बेहद सावधान रहने तथा मौसम से जुड़े अपडेट्स पर लगातार नजर रखने की सख्त हिदायत दी गई है।