पटना। बिहार में धीरे-धीरे मानसूनी वर्षा की रफ्तार तेज होने लगी है, जिसके मद्देनजर राज्य के तीन प्रमुख पीपा पुलों (फ्लोटिंग ब्रिज) पर वाहनों के परिचालन को पूरी तरह से रोकने की तैयारी कर ली गई है। आगामी 15 जून की आधी रात से इन तीनों अस्थायी पुलों पर गाड़ियों के प्रवेश को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। गंगा नदी के जलस्तर में हो रही लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से यह अहम कदम उठाया गया है। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के पटना-1 कार्य प्रमंडल द्वारा इस संबंध में आधिकारिक नोटिस जारी कर दिया गया है। जिन पीपा पुलों को बंद किया जा रहा है, उनमें पटना और वैशाली को जोड़ने वाला कच्ची दरगाह-रूस्तमपुर पीपा पुल, ग्यासपुर-कालादियारा पीपा पुल और पटना तथा सारण जिले के बीच संपर्क स्थापित करने वाला दानापुर-पानापुर पीपा पुल शामिल हैं। ये तीनों मार्ग स्थानीय लोगों के दैनिक सफर के लिए लाइफलाइन माने जाते हैं।

बाढ़ और तेज बहाव के खतरे से सुरक्षा की कवायद

गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और पानी की तेज धारा के कारण किसी भी प्रकार के जानमाल के नुकसान या अप्रिय घटना को टालने के लिए 15 जून की मध्यरात्रि से ही इन पुलों को खोलने (हटाने) की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। पीपा पुल पूरी तरह से एक अस्थायी ढांचा होते हैं, जिन्हें केवल शुष्क मौसम में नदी का पानी कम होने पर ही इस्तेमाल में लाया जाता है। हर साल मानसून की दस्तक से पहले इन्हें नदी से बाहर निकाल लिया जाता है, क्योंकि वर्षा ऋतु में नदी के उफान पर होने से इनके बहने या पलटने का गंभीर खतरा बना रहता है। बरसात का मौसम पूरी तरह समाप्त होने और जलस्तर के दोबारा सामान्य होने पर इन पुलों को फिर से स्थापित कर दिया जाएगा।

प्रशासन की अपील और वैकल्पिक मार्गों का चयन

पुलों को हटाए जाने के कारण इन रूटों पर यात्रा करने वाले हजारों लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने आम जनता से विशेष अपील की है कि वे 15 जून के बाद इन मार्गों से यात्रा करने की कोई योजना न बनाएं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए पहले से ही निर्धारित अन्य स्थायी पुलों और वैकल्पिक रास्तों का चुनाव करें ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

सूबे में मानसून का प्रवेश और आगे का पूर्वानुमान

मौसम के ताजा घटनाक्रम की बात करें तो बिहार में किशनगंज और अररिया के रास्ते मानसून ने बुधवार की देर रात दस्तक दे दी है। गुरुवार की शाम तक इसका प्रभाव सुपौल, पूर्णिया, कटिहार और मधेपुरा जैसे सीमावर्ती जिलों तक विस्तृत हो चुका है। पटना मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, वर्तमान में मौसमी परिस्थितियां आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं, जिससे उम्मीद है कि 14 से 15 जून तक मानसून पूरे बिहार को अपनी आगोश में ले लेगा। इसके बाद राज्य के तमाम हिस्सों में हल्की से लेकर भारी बारिश का दौर शुरू होने की प्रबल संभावना है।